Google Analytics —— Meta Pixel

आखिर कहां गयी शुद्ध सोने से बनी लंका, जानकार चौंक जाएंगे आप..

NEWSDESK
2 Min Read

आखिर कहा गई सोने से भरी लंका, आज हम रामायण की लंका नगरी से जुड़ा एक एेसा सच बताने जा रहे है जिसे जानने की जिज्ञासा हम सब में है। हमें मालूम है कि रामायण काल में लंका नगरी पूरी तरह से सोने से बनी हुई थी। इसे स्वयम विश्वकर्मा ने बनाया था।

कहा जाता है कि रावण ने सभी देवताओं के बंधी बना रखा था और उसने एेसे अविष्कार करवाए थे जिसकी कल्पना नहीं की जा सकती। रावण ने अपनी पूरी लंका को सोने से बनवाया था, लेकिन आज वह सोने की नगरी कहा गई। कहा जाता है कि एक समय एेसा भी था ब सभी घरों में बर्तनों के साथ चम्मच भी सोने चांदी के बने होते थे। दीतिय विश्व युद्ध तक स्थिती एेसी ही थी और ये सारा सोना आया था इंडिया से। एक ब्रिटिश जहाज की किताब में वर्णन मिलता है कि एक जहाज श्री लंका के पूर्वी किनारे दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। जिसमें भारत से लूटा खजाना था। एक भयंकर तूफान ने उसे समुंद्र में डूबो दिया था। उस जहाज के कप्तान पहले ही जहाज छोड़कर श्रीलंका सुरक्षित पहुंच गए थे। तूफान गुजर जाने के बाद उस जहाज को खोजा गया लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला। 1905 में ब्रिटिश गोताखोरों ने समुंद्र में तालाशी अभियान चलाया और जहाज का सोना मिल गया था

जब उस सोने की जांच हुई तो यह पता लगा कि यह सोना उस जहाज का नहीं बल्कि सालों से समुंद्र में दबा एक खजाना है। फिर लम्बे समय तक तालाशी अभियान चलाया गया उस समय करीब 185 जहाजों में समुंद्र से सोना निकाल कर ब्रिटेन लाया गया। कुछ लोगों का कहना है कि यह सोना उसी लंका नगरी का है जो हजारों साल पहले समुंद्र में समा गई थी। हालेन ने अपनी पुस्तक जर्नी आफ इंडिया में इसका वर्णन किया गया है कि यह सारा सोना प्राचीन भारत का था।

Share this Article