Google Analytics —— Meta Pixel

बदला लेना है मुख्य कारण, इन पांच कारणों से काटता है सांप

NEWSDESK
3 Min Read

भविष्य पुराण के पांचमी कल्प में सांपों के बारे में विस्तार से बताया गया है। इस खंड में राजा शतानीक और महर्षि सुमंतु के जरिए महर्षि कश्यप द्वारा सांपों के विषय में जानकारी का उल्लेख किया गया है। राजा शतानीक, महर्षि सुमंतु से सांपों के बारे में विस्तार से बताने का निवेदन करते हैं। इसके बाद महर्षि उन्हें सांपों से जुड़ी गहरी जानकारी देते हैं। इस कहानी से आप समझ सकते हैं कि सांप के काटने का कारण क्या है।

महर्षि कश्यप के मुताबिक सांप किसी भी इंसान को केवल 8 कारणों से काटता है। सांप के काटने के बाद व्यक्ति के शरीर पर जो निशान बनता है, उस निशान के आकार को देखकर आप समझ सकते हैं कि सांप ने किस कारण काटा है। सांप किसी भी व्यक्ति का दबाव पड़ने पर, पुरानी दुश्मनी को लेकर, मद में होने के चलते, भूख व भय से, विष के वेग के कारण, बच्चों की सुरक्षा के लिए या काल की प्रेरणा होने पर ही सांप काटता है।

जब सांप काटते ही पेट के तरफ उल्टा हो जाए और उसकी दाढ़ टेढ़ी हो जाए तो समझ जाइए कि सांप ने दबाव होने के कारण काटा है। अगर सांप के काटने पर बड़ा घाव हो जाए तो समझ जाना चाहिए कि सांप ने किसी द्वेष में काटा है।

अगर सांप के काटने के बाद एक दाढ़ का निशान बने और वह निशान ठीक से दिखाई ना दे तो समझ जाना चाहिए कि सांप ने किसी भय के कारण काटा है। इसके अलावा अगर सांप के काटने पर दाढ़ का निशान किसी रेखा की तरह बन गया हो तो समझ जाना चाहिए कि सांप ने मद के कारण काटा है।

अगर सांप के काटने के बाद दो दाढ़ का निशान दिखाई दे और घाव बड़ा हो तो समझना चाहिए कि सांप ने भूख के कारण काटा है। वहीं दो दाढ़ का निशान दिखाई दे और निशान खून से भर जाए तो समझना चाहिए कि सांप ने विष के वेग के कारण काटा है।

अगर सांप के काटने के बाद निशान के रूप में दो दाढ़ दिखाई दें लेकिन घाव ना बने तो समझना चाहिए कि आस-पास कहीं सांप के बच्चे हैं और वह उनकी रक्षा के लिए काटा है।

Share this Article