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सिर्फ 1 रुपये की सैलरी ली देश की सबसे बड़ी दवा कंपनी के फाउंडर ने

NEWSDESK
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देश की सबसे बड़ी दवा बनाने वाली कंपनी सन फार्मास्यूटिकल्स इंडस्ट्रीज (Sun Pharma) के प्रोमोटर और मैनेजिंग डायरेक्टर दिलीप सांघवी ने वित्त वर्ष 2018-19 में सिर्फ 1 रुपये की सैलरी ली है. सांघवी ने अपनी सैलरी में 99 फीसदी से ज्यादा की कटौती की है. इस प्रकार वह फार्मा सेक्टर में सबसे कम सैलरी लेने वाले सीईओ बन गए हैं.

सिर्फ 1 रुपये ली सैलरी
वित्त वर्ष 2019 में दिलीप सांघवी ने सिर्फ 1 रुपये की सैलरी ली है जबकि वित्त वर्ष 18 में उनका करीब 3 करोड़ रुपये का सालाना पैकेज लिया था. उनके साले (ब्रदर-इन-लॉ) और कंपनी के को-प्रोमोटर सुधीर वालिया ने भी वित्त वर्ष 2019 में सैलरी नहीं ली. इनकी भी सैलरी सांघवी के बराबर थी. इस साल मई में वालिया ने कंपनी के होल-टाइम डायरेक्टर के पद से इस्तीफा दे दिया था. हालांकि वह कंपनी के नॉन-प्रमोटर, नॉन-एग्जिक्यूटिव और नॉन-इंडिपेंडेंट डायरेक्टर बने रहेंगे. इस मामले में सन फार्मा के प्रवक्ता ने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया.

इससे पहले, मनीकंट्रोल ने बताया था कि ल्यूपिन के मैनेजिंग डायरेक्टर नीलेश गुप्ता और उनकी बहन व सीईओ विनिता गुप्ता ने अपनी सैलरी ने 80 फीसदी की कटौती की थी. ल्यूपिन के मामले में इसके एमडी, होल टाइम डायरेक्टर्स और इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स की सैलरी 43 फीसदी घटी है.

टोरेंट फार्मास्यूटिकल्स के एक्सक्यूटिव चेयरमैन समीर मेहता की सैलरी बिना बदलाव 15 करोड़ रुपये है. इसके उलट, वित्त वर्ष 2019 में सिल्पा के एक्सक्यूटिव वाइस-चेयरपर्सन समीना वजिरालिया की सैलरी 12.5 फीसदी बढ़कर 6.41 करोड़ रुपये हो गई.

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