Google Analytics —— Meta Pixel

जानिए कैसे मुंबई में 24 घंटे यहां मुफ्त में खाए खाना

NEWSDESK
3 Min Read

भूखे को खाना खिलाने से बड़ाकार्यकोई नहीं।यहां वर्सोवा में चल रहा कम्युनिटी फ्रीजरोजानाकरीब 70-80 लोगों की भूख मिटा रहा है।

यहां असपास के होटलोंवलोकललोगों के घर का बचा हुआ खाना तो आता ही है, साथ ही कुछ ऐसे लोग भी हैं, जो खरीद कर खाना दे जाते हैं।आपकी जानकारी के लिए बताते चलेंकिवर्सोवा का यह कम्युनिटी फ्रीज बारह महीने ज़रूरतमंदों के लिए खुला रहता है,वलगभग रोज़ कम से कम 70-80 लोगों की भूख मिटाता है।मैनेजमेंट कमेटी से जुड़े श्याम कलवानी बताते है कि इस कम्युनिटी फ्रीज की शुरूआत 2017 में की थीवअब यह फ्रीज वर्सोवा इलाके के ज़रूरतमंद लोगोंवबच्चों का फेवरेट अड्डा बन चुका है

मुफ्त में मिलता है भरपेट खाना- मायानगरी मुंबई भले ही ग्लैमर की चकाचौंध में डूबी हो लेकिन इस शहर में अकसर आपकोमानवताकी मिसालें मिल जाती हैं।इनमें कई कहानियां तो ऐसी हैं कि आपको यकीन हो जाएगा कि शहर के सीने में भी एक दिल धड़कता है। >>यहां लोग बारिश, बाढ़, तूफान से लेकर किसी भी मुसीबत में एक दूसरे की मदद के लिए सबसे पहले आगे आते हैं।साथ ही अगर बात किसी को पेट भर खाना खिलाने की हो तो इसमुद्देमें भी मुम्बईकर पीछे नहीं है।मुम्बई के अंधेरी वर्सोवा इलाके में कम्यूनिटी फ्रीज ज़रूरत मंदों के लिए बेहतरीन सहारा है।

>>घर या होटल में बचे हुए खाने से ज़रूरतमंद लोगों की भूख मिटाने में असलभूमिकानिभाता है ये कम्युनिटी फ्रीज।इस कम्युनिटी फ्रीज में खाने का सामान रखा रहता हैवयहां आने वाला कोई भीआदमीअपनी भूख के हिसाब से यहां सेसारेहक़ से बिना किसी सवाल जवाब के खाना निकालकर खा सकता है।

यहां से आता है इस कम्युनिटी फ्रिज में खाना
ये कम्युनिटी फ्रीज बच्चे, रिक्शाचालक, भिखारियों के साथ-साथ आसपासकार्यकरने वाले ग़रीब लोगों का भूख लगने पर फेवरेट अड्डा है।एक तरफ जहां यहां लोग खाना खाने आते हैं तो वहीं खाना खिलाने वालों की भी कमी नहीं है।

>>कुछ लोग अपने घरों में बचा हुआ खाना यहां दे जाते हैं, तो कुछ यहाँ ख़रीद कर भी फ्रीज में रख कर जाते हैं।साथ ही आसपास के कई होटल भी बचा हुआ खाना बर्बाद करने की बजाय यहां रख जाते हैं।फ्रीज कोप्रारम्भकरने वाले प्रबंधन के लोग भी हर दिनप्रातः काल9.30 बजेवशाम 4.30 बजे यहां खाना रखने आते हैं।

2017 में की थी शुरूआत,वबढ़ाने की योजना
वर्सोवा का यह कम्युनिटी फ्रीज बारह महीने ज़रूरतमंदों के लिए खुला रहता है,वलगभग रोज़ कम से कम 70-80 लोगों की भूख मिटाता है।

>>मैनेजमेंट कमेटी से जुड़े श्याम कलवानी बताते है कि इस कम्युनिटी फ्रीज की शुरूआत 2017 में की थीवअब यह फ्रीज वर्सोवा इलाके के ज़रूरतमंद लोगोंवबच्चों का फेवरेट अड्डा बन चुका है हालांकि अब हम ऐसे कम्युनिटी फ्रीज मुम्बई में कईवजगहों पर भी खोलने कीप्रयासकर रहे है ताकि बचे हुए खाने को फेंकने की बजाय लोगों का पेट भरा जा सके।

Share this Article