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छत्तीसगढ़/कृषि मंत्री रविंद्र चौबे का ऐलान-केंद्र सरकार मदद न दे तो भी 2500 रुपए में खरीदेेंगे धान

NEWSDESK
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कृषि मंत्री रविंद्र चौबे का कहना है कि केंद्र सरकार किसानों को सम्मान निधि देने की बात कह रही है, लेकिन जितने में चार बैग डीएपी न मिले, उस सम्मान निधि का क्या फायदा? कृषि मंत्री ने साफ किया कि अमानक खाद की शिकायत पर व्यापारी के साथ-साथ अफसरों पर भी कार्रवाई की जाएगी।

चौबे ने कहा कि केंद्र सरकार 1760 से एक रुपए भी समर्थन मूल्य नहीं बढ़ाना चाह रही। कांग्रेस ने 2500 रुपए में धान खरीदने का निर्णय लिया है। यदि केंद्र सरकार समर्थन मूल्य नहीं बढ़ाती, तब भी राज्य सरकार 2500 रुपए में धान खरीदेगी। केंद्र सरकार यदि चावल लेने में सपोर्ट नहीं करेगी तो चावल बेस्ड इंडस्ट्री लगाएंगे। इससे किसानों की आय बढ़ेगी। 
 केंद्र सरकार धान का समर्थन मूल्य नहीं बढ़ाएगी तो राज्य सरकार क्या करेगी? 


हमसे पहले यहां भाजपा की सरकार थी। उसने सिर्फ चुनावी साल में ही 270 आैर 300 रुपए धान का बोनस दिया। इसलिए लोगों के मन में यह सवाल हो सकता है कि कांग्रेस सिर्फ चुनावी साल में ही 2500 रुपए में धान खरीदेगी। केंद्र सरकार ने स्वामीनाथन कमेटी की रिपोर्ट लागू करने की घोषणा की थी। इसके बाद भी समर्थन मूल्य में एक रुपए की वृद्धि नहीं कर रहे। हमने जो कहा है वह किया है, इसलिए केंद्र सरकार राशि बढ़ाए या न बढ़ाए हम हर साल 25 सौ रुपए में ही किसानों का धान खरीदेंगे। 

खरीफ फसल के लिए खाद-बीज की क्या तैयारी है? 
हमने खाद-बीज की पूरी तैयारी कर ली है। इस बार धान का रकबा बढ़ने की उम्मीद है, इसलिए हमने अतिरिक्त तैयारी भी की है। खाद-बीज पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। सरकार ने नेशनल सीड कार्पोरेशन से भी टाइअप किया है। साथ ही, बीज निगम में लगभग आठ लाख क्विंटल बीज की व्यवस्था की है।


इस बार धान के रकबे और उत्पादन में कितनी वृद्धि की संभावना है? 
पिछली बार राज्य में करीब 38 लाख हेक्टेयर में धान की फसल लगाई गई थी। इससे लगभग 1 लाख 10 हजार मीट्रिक टन धान का उत्पादन हुआ था। सरकार ने 81 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की थी। इस बार लगभग 41 लाख हेक्टेयर में किसान धान उगाएंगे। एक लाख 30 हजार मीट्रिक टन धान का उत्पादन होने की उम्मीद है। उसके मुताबिक ही हम तैयारी कर रहे हैं। 

पानी गिरने में देरी हुई तो क्या प्लानिंग है? 
अभी खेती किसानी का समय शुरू हो रहा है। मुझे लगता है कि जल्दी ही बारिश होगी आैर कृषि कार्य प्रभावित नहीं होगा। फिर भी यदि बारिश में देरी हुई तो हम किसानों से अाग्रह करेंगे कि वे 135 से 140 दिन में उत्पादन देने वाले धान के बजाय 115 से 125 दिन में उत्पादन देने वाले धान की वेरायटी लगाएं। इसके लिए अतिरिक्त बीज की व्यवस्था की है। 

राज्य में अमानक खाद की काफी शिकायतें हैं। इससे किस तरह निपटेंगे? 
हम विधानसभा में लगातार कहते रहे हैं कि छत्तीसगढ़ बिलो स्टैंडर्ड और अमानक खाद का बाजार बन गया है। इस सत्र से हमने इस दिशा में काम करना शुरू कर दिया। हमने पांच-सात स्थानों पर छापामार कार्रवाई भी की है। तीन फैक्ट्रियों को सील करवाया है। हमने सभी जिले के अफसरों को निर्देशित किया है कि यदि उनके जिलों में अमानक खाद पाई जाती है तो व्यापारी आैर दुकान के खिलाफ कार्रवाई तो होगी ही उस जिले के अफसर के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। 

किसान सम्मान निधि बढ़ाने की राज्य सरकार ने मांग की है। कितने किसानों काे लाभ मिलेगा? 
हमने भी किसानों को पेंशन देने की बात कही है। केंद्र सरकार ने भी किसानों को 6 हजार रुपए देने की घोषणा की है। चार महीने में दो हजार रुपए केंद्र सरकार किसानों को देगी जो कि डीएपी के चार बैग की कीमत जितनी भी नहीं है। नीति आयोग की बैठक में मुख्यमंत्री ने इसे 12 हजार रुपए करने की मांग की है। हमने अभी राज्य के 16 लाख किसानों का रिकार्ड भेजा है। भविष्य में राज्य के 32 से 35 लाख किसानों को यह राशि देनी होगी।

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