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छत्तीसगढ़ : ‘कर्जमाफी के साथ मेहनत का बेहतरीन दाम पाकर गदगद हैं जिले के किसान’

NEWSDESK
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 सरकार की किसान हितैषी योजनाओं से जिले के किसान बहुत खुश हैं। धान की कीमत 2500 रुपए प्रति क्विंटल हो जाने से किसानों को अपनी मेहनत का उचित मूल्य तो मिला है साथ ही कर्ज माफी ने हजारों किसानों के कंधे का बोझ खत्म कर दिया है। अब किसान खुशी खुशी खेतों की तरफ रुख करने लगे हैं क्योंकि उनको मालूम है सरकार हर कदम पर उनके साथ है।

बलौदाबाजार विकासखंड के ग्राम पुरान के किसान कृष्ण कुमार यदु बताते हैं कि कई किसान पहले अपनी जमीन पर खुद खेती करने के बजाय अधिया रेगहा में दे देते थे। वो खुद भी अपनी आधी जमीन पर ही खेती करते थे।

मेहनत का सही दाम न मिलने से किसानों में निराशा व्याप्त थी। लेकिन इस साल उनके गांव के सारे किसान खुद की जमीन पर खेती करना चाहते हैं । किसानों का कहना है कि सरकार किसानों के लिए बहुत उदार है कर्जमाफी मिली है और धान की कीमत में भी इजाफा हुआ है। कृष्ण कुमार यदु का 50 हजार कर्ज माफ हुआ और उन्होंने 54 बोरा धान बेचा। धान की अच्छी कीमत मिली जिससे उन्होंने अपने घर की मरम्मत करवाई । उन्होंने बताया कि उनको अपने पशुओं की देखभाल के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिलता था वो बोर खुदवाना चाहते थे लेकिन पैसे की किल्लत के कारण वो चाहकर भी कुछ कर नहीं पाते थे। लेकिन अब उनको कोई दिक्कत नहीं है । कृष्ण कुमार ने न केवल 50 हजार रुपए खर्च करके बोर खुदवाया बल्कि 1 लाख रुपए खर्च कर अपने 15 मवेशियों के लिए कोठा भी बनवाया है।

कृष्ण कुमार कहते हैं कि सरकार ने उनकी सारी मुसीबत दूर कर दी है।कृष्णकुमार को उम्मीद है कि इस साल भी बढि़या कीमत मिलेगी इसलिए वो अपने पूरे परिवार के साथ खेती में जुट गए हैं। इतना ही नहीं पहले उन्हें बीज और खाद का उठाव करने के लिए सायकल से आना पड़ता था। इस साल  कुछ किसान आपस में किराए का वाहन लेकर आये हैं। जिससे काफी सहूलियत हो गई है।

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