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छत्तीसगढ़ : वार्डन का फरमान, रूम में खाने पर रोक, कीड़े से शॉर्ट सर्किट का खतरा

NEWSDESK
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आइआइटी भिलाई के सेजबहार स्थित हॉस्टल में लगी आग की जांच की दिशा तय नहीं हुई है। छह मार्च को देर रात पोटा केबिन में लगी आग की गुत्थी सुलझाने के लिए बनी जांच कमेटी ने अब तक रिपोर्ट नहीं सौंपी है न ही एक बार बैठक हुई है। पहले प्रबंधन विद्यार्थियों की गलती (सिगरेट पीना या हीटर जलाना) बताकर पल्ला झाड़ रहा था। शनिवार को देर शाम जांच कमेटी की दूसरी बैठक भी रद होने के बाद वार्डन ने विद्यार्थियों को अजीबो-गरीब फरमान जारी किया है। वार्डन ने जारी मेल में कहा है कि जिनके पास इलेक्ट्रिक सामान हैं, वे जमा कर दें। जब उन्हें जरूरत होगी तब दिया जाएगा। यह भी लिखा है कि कुछ बच्चे खाना मेस से ले जाकर हॉस्टल रूम में खाते हैं। इसकी वजह से कीड़े आते हैं और शॉर्ट-सर्किट होने का खतरा रहता है। इस पर रोक लगा दी है। यह मेल जांच कमेटी में शामिल डॉ. धृति सुंदर घोष, वार्डन हॉस्टल कैस्टल ईना ने भेजा गया है। इस मेल को लेकर बात करने के लिए जब ‘नईदुनिया’ ने फोन किया तो उन्होंने रिसीव किया, लेकिन मेल के बारे में जानकारी मांगने पर यह कहकर फोन काट दिया कि वे अभी क्लास ले रहे हैं। उसके बाद कोई बात नहीं हुई।

मेल में ये बातें :

दुर्भाग्यपूर्ण आग की घटना के प्रकाश में, जो कैंपस में हुई है, संभावित कारणों में से एक विद्युत शॉर्ट-सर्किट हो सकता है। आप सभी से स्वेच्छा से इलेक्ट्रिक उपकरण कार्यालय में जमा करने का अनुरोध किया जाता है। छात्रावास कार्यालय रसीद जारी करेगा। जब भी वे इसे अपने घर ले जाना चाहेंगे तो रसीद देने के बाद उपकरण वापस कर दिया जाएगा।

इस बीच, हम मेस क्षेत्र (दोनों छात्रावासों में) में एक प्रावधान कर रहे हैं, जहां एक इंडक्शन कुकटॉप, इलेक्ट्रिक केतली, और माइक्रोवेव स्थापित किया जाएगा। छात्र अपनी आवश्यकताओं के अनुसार सुविधा का लाभ उठा सकते हैं। यह भी देखा गया है कि कुछ छात्र अपने कमरों में खाना खाते हैं, जिससे रूम में कीटाणु आते हैं। ये कीट अल्डसो कीटों को ठीक करने वाले होते हैं। ये कीट इलेक्ट्रिकल सर्किट वायरिंग के साथ जुड़े होते हैं, जिससे शॉर्ट्स-सर्कुलेटिंग होती है। कमरों में ऐसी प्रथा से परहेज करने का अनुरोध किया जाता है। इस संबंध में आपका सहयोग हमें परिसर को सुरक्षित बनाने में मदद करेगा।

बॉक्स…

दिक्कतों का करना पड़ सकता है सामना :

बच्चों से इलेक्ट्रिक आइटम जमा करवाने से उनके कुछ रोजना उपयोग आने वाले सामान को भी जमा करना पड़ेगा। जैसे प्रेस, इंडक्शन, सेविंग ट्रिमिंग मशीन सहित अन्य उपकरण। ऐसे में छात्रों को दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।

वर्सन

जांच कमेटी की बैठक का पता नहीं

दो बैठक का समय तय होने के बाद रद हो गई। रिपोर्ट में क्या-क्या सामने आया, यह अभी कुछ कहना सही नहीं है। अगली बैठक कब होगी इसके लिए कोई जानकारी नहीं दी गई है। -एमएन खान, फायर ब्रिगेड सुपरिन्टेंडेंट, रायपुर (जांच कमेटी में)

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