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राज्यपाल रमेन डेका ने दुगली में वनधन विकास केन्द्र का किया अवलोकन…

News Desk
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रायपुर: राज्यपाल श्री रमेन डेका ने आज धमतरी जिले में ग्राम दुगली में वनधन विकास केन्द्र का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने महिला समूहों द्वारा एलोवेरा से बनाए जा रहे उत्पादों की प्रोसेसिंग एवं पैकेजिंग प्रक्रिया को निकट से देखा और उनकी सराहना की। राज्यपाल ने समूहों द्वारा तैयार अन्य उत्पादों का भी अवलोकन किया।

बिहान से जुड़ने के बाद उनके जीवन में आर्थिक सुधार हुआ

राज्यपाल श्री डेका ने केंद्र में एलोवेरा जैल निर्माण, तिखुर प्रसंस्करण एवं दोना-पत्तल निर्माण की पूरी प्रक्रिया की जानकारी ली। उन्होंने परिसर में लगाई गई एलोवेरा और तिखुर की खेती का भी निरीक्षण किया। इस दौरान कमार जनजाति के समाज प्रमुख, पर्यटन समिति के सदस्य और लखपति दीदियों से राज्यपाल ने आत्मीय संवाद किया। लखपति दीदी श्रीमती देवकुमारी साहू ने राज्यपाल को बताया कि वे बिहान योजना से जुड़कर सेंट्रिंग और दैनिक उपयोग की वस्तुओं का कार्य करती हैं, जिससे उन्हें गांव में ही रोजगार और स्थायी आमदनी मिल रही है। उन्होंने बताया कि बिहान से जुड़ने के बाद उनके जीवन में आर्थिक सुधार हुआ है और अब वे अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा भी दिला पा रही हैं। इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव डॉ. सी. आर. प्रसन्ना, मुख्य वन संरक्षक श्रीमती सतोविशा समाजदार, धमतरी जिले के कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा, पुलिस अधीक्षक श्री सूरज सिंह परिहार, वनमण्डलाधिकारी एवं वन विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

महिलाओं की आत्मनिर्भरता की सराहना की

प्राकृतिक सुंदरता के लिए समिति का गठन

इको-टूरिज्म समिति के सदस्य श्री माधव सिंह मरकाम ने राज्यपाल को बताया कि जबर्रा ग्राम की प्राकृतिक सुंदरता को प्रदर्शित करने के लिए समिति गठित की गई है, जिससे देश-विदेश के पर्यटक यहां आकर्षित हो रहे हैं। समिति के माध्यम से ग्रामीणों को गांव में ही रोजगार प्राप्त हुआ है और जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।

महिलाओं की आत्मनिर्भरता की सराहना की

श्री डेका ने पत्ते पर की गई कलात्मक आकृति की सराहना

नगरी विकासखंड के लीफ आर्टिस्ट श्री विकास शांडिल्य ने पीपल के पत्ते पर उकेरी गई शेर की कलात्मक आकृति राज्यपाल श्री डेका को भेंट की। राज्यपाल ने उनकी कला की प्रशंसा करते हुए आकृतियों के निर्माण में लगने वाले समय और उनकी कीमत के बारे में जानकारी ली। उन्होंने विकास को पत्ते पर और भी कलात्मक आकृति तैयार करने हेतु प्रोत्साहित किया एवं उनकी कृतियों को खरीदने की इच्छा भी व्यक्त की। राज्यपाल श्री डेका ने महिला स्व-सहायता समूहों की दीदियों के साथ आत्मीयतापूर्ण संवाद करते हुए समूहों द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की और उनके साथ स्मृति स्वरूप छायाचित्र भी लिए।

महिलाओं की आत्मनिर्भरता की सराहना की

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