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5 डिसमिल जमीन की रजिस्ट्री पर रोक, खरीदी-बिक्री पर संकट और ऑनलाइन सुविधा भी ठप

News Desk
3 Min Read

रायपुर

प्रदेश में जब से 5 डिसमिल से कम की कृषि जमीन की रजिस्ट्री पर रोक लगी है, तब से मानों जमीन खरीदी-बिक्री पर लगाम सी लग गई है. रायपुर जिले की बात करें तो पहले रोज रजिस्ट्री 200 से अधिक होती थी, लेकिन अब आंकड़ा बमुश्किल 150 पार हो रहा है.

उल्लेखनीय है कि अधिकांश लोग 1000 वर्गफीट, 1500 वर्गफीट, 2000 वर्गफीट के प्लाट खरीदते हैं, लेकिन 5 डिसमिल से कम की जमीन की रजिस्ट्री बंद हो जाने से लोग छोटे साइज के प्लाट नहीं खरीद पा रहे हैं. दूसरी ओर बिल्डरों के प्रोजेक्ट को फायदा मिल रहा है.

रजिस्ट्री को सुविधाजनक बनाने के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू की गई हैं, लेकिन इससे भी लोगों को राहत नहीं मिल पा रही है. सभी दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड करने और अपॉइंटमेंट लेने के बाद भी रजिस्ट्री पूरी नहीं हो पा रही है. कार्यालय के कंप्यूटर ऑपरेटरों को भी उतनी जानकारी नहीं रहती है. कई मामले उप पंजीयकों के हस्ताक्षर नहीं होने के चलते रुक गए हैं. उप पंजीयकों के छुट्टी में चले जाने से रजिस्ट्री जारी नहीं हो पाती है. भले ऑनलाइन से प्रक्रिया पूरी हो जाए.

हाउसिंग बोर्ड, आरडीए के मामले अटक रहे
हाउसिंग बोर्ड और आरडीए से मकान, फ्लैट, जमीन खरीदने वालों की रजिस्ट्री नहीं हो पा रही है. रजिस्ट्री कराने के लिए कई लोग चक्कर काट रहे है. दरअसल लोगों को फ्लैट, मकान और प्लाट बेचे गए हैं, वे हाउसिंग बोर्ड या आरडीए के नाम पर – नहीं चढ़े हैं. इस कारण उसकी र रजिस्ट्री नहीं हो पा रही है. ऐसे सैकड़ों 1 मामले पेंडिंग है. इसका अब तक समाधान नहीं निकाल पाए हैं.

अवैध प्लाटिंग पर लगी रोक
छोटे प्लाट की रजिस्ट्री पर लगने से आम लोगों की परेशानी बढ़ी है, तो दूसरी ओर अवैध प्लाटिंग में कमी दिख रही है. हालांकि, अवैध प्लाटिंग बंद नहीं हुई है. शहर के पुराना धमतरी रोड, सरोना, विधानसभा, कचना, नवा रायपुर, मंदिरहसौद आदि इलाकों में अवैध प्लाटिंग का खेल चल रहा है.

लगातार छुट्टियों का भी असर
लगातार सरकारी छुट्टी का भी असर रजिस्ट्री पर पड़ा है. शनिवार-रविवार के अलावा बीच के अन्य दिनों में अवकाश होने से रजिस्ट्री प्रभावित हुई है. इस सप्ताह भी शुक्रवार, शनिवार और रविवार को अवकाश हो गया. इसके बाद पितृपक्ष शुरू हो जाएगा, तो उसमें भी जमीन की खरीदी-बिक्री प्रभावित रहेगी.

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