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खेत में काम कर रही महिला पर मधुमक्खियों का हमला, इलाज के दौरान दर्दनाक मौत

News Desk
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कोरबा

मधुमक्खियों के काटने से शरीर में सूजन होना या छोटी-मोटी परेशानी होना को आम बात है, लेकिन मधुमक्खी के काटने से किसी की मौत हो जाना अचरज भरा है। ऐसी एक धटना कोरबा जिले के करतला विकासखंड के ग्राम बंधवाभाठा में गुरूवार को हुई है। गुरुवार दोपहर मधुमक्खी के हमले से एक महिला की मौत हो गई। घटना के समय महिला खेत में काम कर रही थी।

ग्रामीण क्षेत्रों में इन दिनों खेती का काम जोरो पर है। बंधवाभांठा निवासी सिहारीन बाई 75 वर्ष अपने खेत में काम कर रही थीं, जबकि उनका बेटा सुरेश दूसरे खेत में काम कर रहा था। अचानक, मधुमक्खियों के झुंड ने सिहारीन बाई पर हमला कर दिया, जिससे वह खेत में गिर गईं। सुरेश ने अपनी मां की चिल्लाने की आवाज सुनी और दौड़ते हुए जाकर देखा कि मधुमक्खियों ने उनकी मां पर हमला कर दिया है।

सुरेश ने अपनी मां को कंधे पर उठाकर घर पहुंचाया। मधुमक्खियों की डंक से मां की हालत तेजी से बिगड़ने लगी। इलाज के लिए उसे जिला मेडिकल अस्पताल लाया गया। जहां डॉक्टरों ने इलाज के दौरान उन्हें मृत घोषित कर दिया।

मृतका के दामाद संत राम ने बताया कि जिस खेत के पास वे काम कर रहे थे, वहां पेड़ पर मधुमक्खियों का छत्ता था। उन्होंने बताया कि एक या दो मधुमक्खियों के काटने से आमतौर पर मौत नहीं होती, लेकिन झुंड के एक साथ हमला करने से यह घटना हुई।

जिला मेडिकल कॉलेज में पदस्थ डॉक्टर आदित्य सिसोदिया के अनुसार, मधुमक्खी के डंक से निकलने वाली रसायन से शरीर में हाइपरसेंसिटिव रिएक्शन शुरू हो जाता है। जिससे पीड़ित को सांस लेने में तकलीफ और शरीर में सूजन बढ़ने लगती है। डॉक्टर सिसोदिया ने सलाह दी है कि अगर किसी को ज्यादा मधुमक्खियां काटें, तो तुरंत अस्पताल पहुंचाना चाहिए। ऐसे मामलों में एस्टरायड देना और वेंटिलेटर की सुविधा वाले नजदीकी अस्पताल ले जाना जरूरी है।

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