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नक्सलवाद की रात ढल रही है, बस्तर में विकास की नई सुबह हो रही है : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय….

News Desk
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रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि बस्तर में नक्सलवाद की रात अब ढल रही है और विकास की नई सुबह का उदय हो चुका है। डबल इंजन सरकार के समग्र और समावेशी प्रयासों का यह परिणाम है कि आज बस्तर रेंज में ₹2.54 करोड़ के इनामी 66 हार्डकोर नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा से जुड़ने का संकल्प लिया है। इनमें ₹25 लाख के इनामी एसजेडसीएम (SZCM) रामन्ना ईरपा उर्फ जगदीश का आत्मसमर्पण शामिल है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि एक ही दिन में बीजापुर से 25, दंतेवाड़ा से 15, कांकेर से 13, नारायणपुर से 8 और सुकमा से 5 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर समाज की मुख्यधारा में लौटने का संकल्प लिया है। राज्य सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर वे अब हिंसा का मार्ग छोड़कर शांति और विकास की दिशा में आगे बढ़ने को तैयार हुए हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बीते 18 महीनों में कुल 1,570 माओवादी कैडर आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौट चुके हैं। यह हमारे शासन की पारदर्शी नीतियों, नागरिक-हितैषी कार्यप्रणाली और पुनर्वास के प्रति ईमानदारीपूर्ण दृष्टिकोण का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि यह परिवर्तन सामाजिक और आर्थिक पुनर्निर्माण के समर्पित प्रयासों का परिणाम है।

उन्होंने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी के नेतृत्व में केंद्र और राज्य सरकार मिलकर बस्तर के दूरस्थ और अत्यंत संवेदनशील क्षेत्रों में एक साथ सुरक्षा और विकास का कार्य कर रही है। सड़कों का विस्तार, पेयजल व्यवस्था, शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन, बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं को नक्सल प्रभावित इलाकों में पहुँचाया गया है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने “पूना मारगेम : पुनर्वास से पुनर्जीवन” नीति का उल्लेख करते हुए कहा कि हमारी नीति बस्तर के उज्ज्वल भविष्य का संकल्प है। हम आत्मसमर्पण कर रहे नक्सलियों के भविष्य को संवारने हेतु प्रतिबद्ध हैं।

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