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अब सिर्फ ₹50 में घर जैसा खाना: ‘मां की रोटी’ कैंटीन की शुरुआत

News Desk
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महासमुंद
नगर में सामाजिक सरोकार की दिशा में बुधवार को एक प्रेरणादायक पहल हुई। स्टेशन रोड स्थित 'मां की रोटी' नामक महिला संचालित कैंटीन का शुभारंभ नगर पालिका अध्यक्ष निखिलकांत साहू एवं उपाध्यक्ष देवीचंद राठी ने किया। इस कैंटीन का संचालन शहर की जय गंगा मैया महिला समूह द्वारा किया जाएगा, जिसका उद्देश्य जनता को मात्र 50 रुपये में स्वादिष्ट और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना है।
 
सस्ती दर पर मिलेगा भोजन
इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष निखिलकांत साहू ने कहा कि यह पहल न केवल लोगों को सस्ती दर पर भोजन उपलब्ध कराएगी, बल्कि महिला सशक्तीकरण का भी बेहतरीन उदाहरण बनेगी। महिला समूहों ने समय-समय पर अपनी कार्यकुशलता और प्रतिबद्धता सिद्ध की है, और मुझे विश्वास है कि वे इस जिम्मेदारी को भी बखूबी निभाएंगे।

नगर पालिका उपाध्यक्ष देवीचंद राठी ने महिला समूह को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हमारे नगर की महिलाओं को यह अवसर मिलना गौरव की बात है। हम आशा करते हैं कि यह कैंटीन स्वच्छता, गुणवत्ता और स्वाद तीनों मानकों पर खरा उतरेगी।

लोगों को मिलेगा घर जैसा भोजन
जनपद उपाध्यक्ष हुलसी चंद्राकर ने महिला समूहों की कार्यक्षमता की सराहना करते हुए कहा कि महिला समूह कोई भी कार्य मन से करे तो उसमें सफलता निश्चित होती है। ‘मां की रोटी’ से आमजन को घर जैसा भोजन मिलेगा, यह विश्वास है। कार्यक्रम में नगर के नेता प्रतिपक्ष नानू भाई, धनेंद्र चंद्राकर, नीरज चंद्राकर, पीयूष साहू, चंद्रशेखर बेलदार समेत कई गणमान्य नागरिक एवं मां फाउंडेशन मुंबई के विलास कांबले, गणेश गुली, संजय तारम उपस्थित रहे।

मां फाउंडेशन ने इस कैंटीन में सहयोग प्रदान किया है। कैंटीन की मार्गदर्शक प्रेमशीला बघेल ने बताया कि यह कैंटीन नगर पालिका की राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन योजना के अंतर्गत गठित महिला समूह द्वारा संचालित की जा रही है। समूह में कुल 12 सदस्य हैं। यहां प्रतिदिन केवल 50 में एक प्लेट चावल, तीन रोटी, एक कटोरी दाल और सब्जी उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा नाश्ते के विकल्प भी मौजूद हैं।

अन्नपूर्णा दाल भात सेंटर का बुरा हालनगर के गुरु घासीदास प्रतीक्षा बस स्टैंड में संचालित अन्नपूर्णा दाल भात सेंटर का बुरा हाल है। यहां स्वच्छता पर जरा भी ध्यान नहीं है। यही नहीं सेंटर खुलने व बंद होने का समय भी निर्धारित नहीं है। नागरिकों ने बताया कि गिनती के लोग ही भोजन करते हैं। इसके बाद भोजन खत्म हो जाता है। यही हाल बिरकोनी औद्योगिक क्षेत्र में संचालित दाल भात सेंटर का है। यहां के श्रमिकों ने बताया कि घंटेभर के लिए यहां का दाल भात केंद्र खुलता है।

इस अवधि में कुछ ही लोग भोजन कर पाते हैं। बताया जाता है कि केंद्र संचालन में भाजपा के एक मंडल पदाधिकारी की भूमिका है। संचालन में परोक्ष रूप से जुड़े नेताजी के व्यवहार से श्रमिकों को भोजन नहीं मिल रहा है, दूसरी ओर पार्टी की छवि भी जनमानस में बिगड़ रही है।

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