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नागपुर-चिरमिरी रेलवे हॉल्टलाइन परियोजना हेतु भूमि अधिग्रहण को लेकर अनुविभागीय अधिकारी राजस्व ने की सुनवाई

News Desk
1 Min Read

मनेन्द्रगढ़/एमसीबी

नागपुर-चिरमिरी रेलवे हॉटलाइन परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को लेकर प्रशासन ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। कलेक्टर डी. राहुल वेंकट के निर्देशानुसार अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) लिंगराज सिदार ने भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया से संबंधित सुनवाई आयोजित की।
इस परियोजना के तहत चिरईपानी, बंजी, सरोला, सरभोका, खैरबना सहित अन्य गांवों की भूमि अधिग्रहण की जानी है। पूर्व में रेलवे व राजस्व विभाग द्वारा भूमि चयन हेतु सर्वे किया गया था, लेकिन कई मामलों में खसरा नंबर, रकबा, भूमि स्वामित्व, जाति संबंधी त्रुटियां सामने आई थीं। इन्हीं त्रुटियों को सुधारने के लिए आज 05 मार्च 2025 को न्यायालय अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) में भूमि स्वामियों को विधिवत सूचना देकर उनकी सुनवाई की गई। सुनवाई के दौरान भूमि स्वामियों की आपत्तियों और दस्तावेजों की जांच की गई ताकि अधिग्रहण प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे और किसी भी किसान या हितधारक को अनावश्यक परेशानी न हो। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि सभी प्रभावित किसानों को नियमानुसार मुआवजा दिया जाएगा और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी तरह से कानूनी प्रावधानों के तहत संचालित की जाएगी।

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नागपुर-चिरमिरी रेलवे हॉटलाइन परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को लेकर प्रशासन ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। कलेक्टर डी. राहुल वेंकट के निर्देशानुसार अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) लिंगराज सिदार ने भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया से संबंधित सुनवाई आयोजित की।
इस परियोजना के तहत चिरईपानी, बंजी, सरोला, सरभोका, खैरबना सहित अन्य गांवों की भूमि अधिग्रहण की जानी है। पूर्व में रेलवे व राजस्व विभाग द्वारा भूमि चयन हेतु सर्वे किया गया था, लेकिन कई मामलों में खसरा नंबर, रकबा, भूमि स्वामित्व, जाति संबंधी त्रुटियां सामने आई थीं। इन्हीं त्रुटियों को सुधारने के लिए आज 05 मार्च 2025 को न्यायालय अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) में भूमि स्वामियों को विधिवत सूचना देकर उनकी सुनवाई की गई। सुनवाई के दौरान भूमि स्वामियों की आपत्तियों और दस्तावेजों की जांच की गई ताकि अधिग्रहण प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे और किसी भी किसान या हितधारक को अनावश्यक परेशानी न हो। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि सभी प्रभावित किसानों को नियमानुसार मुआवजा दिया जाएगा और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी तरह से कानूनी प्रावधानों के तहत संचालित की जाएगी।

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