Google Analytics —— Meta Pixel

रायपुर : छत्तीसगढ़ में वन प्रबंधन की सर्वश्रेष्ठ प्रक्रियाओं का अध्ययन करने पहुंचा आईएफएस अधिकारियों का दल

News Desk
3 Min Read

रायपुर

भारतीय वन सेवा के 32 अधिकारियों का एक दल मध्य कैरियर प्रशिक्षण फेज-3 के तहत छत्तीसगढ़ के वन प्रबंधन मॉडल का अध्ययन करने के लिए रायपुर पहुंचा। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी देहरादून द्वारा आयोजित इस अध्ययन यात्रा का उद्देश्य लघु वनोपज प्रबंधन, सामुदायिक वन प्रबंधन और मृदा-नमी संरक्षण की सर्वश्रेष्ठ प्रक्रियाओं को समझना समझना है।

रायपुर में अधिकारियों ने अरण्य भवन, नवा रायपुर में प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख वी. श्रीनिवास राव और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ संवाद किया। इस अवसर पर राव ने सतत वन प्रबंधन के लिए छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों और रणनीतियों को साझा किया। बैठक के दौरान छत्तीसगढ़ वन विभाग की विभिन्न पहलों पर प्रस्तुतियाँ दी गईं, जिसमें छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज महासंघ के प्रबंध संचालक अनिल कुमार साहू ने लघु वनोपज के संग्रहण, प्रसंस्करण और विपणन पर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह मॉडल जनजातीय महिलाओं के सशक्तिकरण और सामाजिक-आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

बैठक में अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (भू प्रबंध) सुनील कुमार मिश्रा ने मृदा एवं जल संरक्षण योजनाओं पर जानकारी दी, जबकि सीईओ कैम्पा ओ.पी. यादव ने वनों में जलधाराओं के पुनर्जीवन के लिए उठाए जा रहे कदमों की जानकारी दी। प्रभारी अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (संयुक्त वन प्रबंधन) नावेद शुजाउद्दीन ने वन अधिकार अधिनियम 2006 के तहत सामुदायिक वन अधिकार और सामुदायिक वन संसाधन अधिकार पर चर्चा की।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ वन विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे, जिनमें प्रधान मुख्य वन संरक्षक (कार्य योजना) मोरिस नंदी, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (बजट) श्रीमती संगीता गुप्ता, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) प्रेम कुमार, मुख्य वन संरक्षक श्रीमती शालिनी रैना, मुख्य वन संरक्षक (बांस मिशन) एस. वेंकटाचलम, मुख्य वन संरक्षक रायपुर राजू अगासीमनी, कैम्पा के संयुक्त सीईओ अमिताभ बाजपेई, वन संरक्षक श्रीमती सातोविषा समाजदार, वन संरक्षक (उत्पादन) श्रीमती सलमा फारूकी और वन संरक्षक  मणिवासगन शामिल थे। बैठक के दौरान अधिकारियों ने अपने अनुभव साझा किए और उपयोगी सुझाव दिए।

बैठक के बाद अधिकारियों ने नवा रायपुर स्थित जंगल सफारी का दौरा किया, जहां श्रीमती सातोविषा समाजदार और गणवीर धामशील ने उन्हें वन्यजीव संरक्षण और प्रबंधन की जानकारी दी। इसके बाद आईएफएस अधिकारियों का दल धमतरी वनमंडल का दौरा करेगा, जहां वनमंडलाधिकारी धमतरी, जाधव श्रीकृष्ण के समन्वय में विभिन्न गतिविधियाँ आयोजित की जाएंगी। इस दौरान अधिकारी पाम्पर नाला में मृदा एवं जल संरक्षण कार्यों का निरीक्षण करेंगे, दुगली में स्थित लघु वनोपज प्रसंस्करण केंद्र का दौरा करेंगे और रायपुर के संजीवनी एवं बांस एम्पोरियम में वन उत्पादों से जुड़े मूल्य संवर्धन के प्रयासों को समझेंगे।

Share this Article