Google Analytics —— Meta Pixel

इंदौर: एमपी में 780 लोकेशन फंसी, यहां 100% ज्यादा कीमत पर हो रही रजिस्ट्री

News Desk
3 Min Read

इंदौर: मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में 2025-26 के लिए नई प्रॉपर्टी गाइडलाइन तैयार की जानी है। विभाग ने एआई के जरिए प्लॉट एरिया की 2131 लोकेशन और कृषि भूमि की 780 लोकेशन ट्रैप की हैं। यहां गाइडलाइन से ज्यादा कीमत पर रजिस्ट्री हुई है। प्लॉट में सरकारी कीमत से 1050.7 फीसदी और कृषि भूमि में 1266 फीसदी ज्यादा पर रजिस्ट्री होना सामने आया है। अब जमीनी हकीकत को देखकर नई गाइडलाइन प्रस्तावित की जाएगी।

अब एआई का होगा इस्तेमाल

सरकार रजिस्ट्रार विभाग की कार्य प्रणाली को पारदर्शी बनाने की कोशिश कर रही है। पहले चरण में ई-रजिस्ट्री शुरू की गई, जिसमें संपदा एक सॉफ्टवेयर पर काम हुआ। कुछ महीने पहले संपदा 2 शुरू की गई। अब विभाग एआई के जरिए जमीन के लेन-देन की जानकारी जुटा रहा है। नई गाइडलाइन तैयार करने में भी एआई का इस्तेमाल किया जाएगा।

जिले में कृषि भूमि और प्लॉट की खरीद-फरोख्त को एआई के जरिए खंगाला गया तो पता चला कि गाइडलाइन से ज्यादा कीमत पर रजिस्ट्री हुई है। 1 अप्रैल से 31 दिसंबर के बीच कृषि भूमि के 780 स्थानों और भूखंडों के 2131 स्थानों पर इस तरह के पंजीकरण किए गए हैं। 157 भूखंड क्षेत्रों में 100 से 1050 प्रतिशत और कृषि भूमि के 72 स्थानों पर गाइडलाइन से 100 से 1266 प्रतिशत अधिक पंजीकरण किए गए।

तीन महीने पहले दिया गया था प्रस्ताव

2024-25 के बीच एआई के माध्यम से गाइडलाइन पर की गई खोज के आधार पर 469 स्थानों पर 5 से 261 प्रतिशत वृद्धि का प्रस्ताव बनाया गया था। जिला मूल्यांकन समिति के बाद केंद्रीय मूल्यांकन समिति ने भी इसे मंजूरी दे दी, लेकिन सरकार से अनुमति नहीं मिलने के कारण इस साल दूसरी बार गाइडलाइन लागू नहीं हो सकी। 2024-25 के लिए 2351 स्थानों पर गाइडलाइन बढ़ाई गई।

अब होगा मंथन

नई गाइडलाइन को लेकर एआई ने अपना काम कर दिया है। अब उप पंजीयक उन स्थानों पर मंथन कर रहे हैं। यदि बढ़ी हुई कीमत पर लगातार रजिस्ट्री होती रहेंगी तो उसे स्वीकार कर प्रस्ताव बनाया जाएगा। यदि बढ़ी कीमत पर एक ही रजिस्ट्री हुई है और बाकी सामान्य हैं तो गाइडलाइन नहीं बढ़ाई जाएगी। जनवरी से दिसंबर 2024 के बीच बढ़ी कीमत पर हुई रजिस्ट्री का डाटा सामने आ गया है। उसके आधार पर नई गाइडलाइन का प्रस्ताव तैयार किया जाएगा। सूची तैयार करने में विभाग ने एआई का उपयोग किया है। – दीपक कुमार शर्मा, वरिष्ठ जिला पंजीयक

Share this Article