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मोहन यादव कैबिनेट की बैठक आज, शराब नीति और जन कल्याण से लेकर कई प्रस्तावों पर लग सकती है मुहर

News Desk
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भोपाल: मध्य प्रदेश की डॉ. मोहन यादव सरकार की कैबिनेट बैठक बुधवार को मंत्रालय में होगी। इसमें अलग-अलग विभागों के प्रस्तावों पर चर्चा होगी। बताया जा रहा है कि गरीब कल्याण मिशन को आज कैबिनेट में मंजूरी मिल सकती है। अगर योजना के उद्देश्य की बात करें तो हर व्यक्ति की आय को कम से कम राज्य की न्यूनतम प्रति व्यक्ति आय के स्तर पर लाना है। वहीं, बहुआयामी गरीबी सूचकांक गरीबी उन्मूलन कार्यक्रम पर आधारित 12 विशिष्ट सूचकांकों में सुधार करना और सभी वर्गों का समान रूप से विकास करना मुख्य उद्देश्य रहेगा।

नई शराब नीति लागू हो सकती है

यूपी की तर्ज पर एमपी में भी नई शराब नीति लागू हो सकती है, मोहन कैबिनेट की बैठक में हो सकता है फैसला, बैठक में नई शराब नीति पर होगी चर्चा। सरकार ला सकती है आंगनबाड़ी का विकल्प, पार्टियों में शराब पीना होगा महंगा, राजस्व बढ़ाने के लिए सरकार यूपी फॉर्मूला शामिल करेगी।

चित्रकूट विकास योजना

इसी बैठक में चित्रकूट विकास योजना और नई आबकारी नीति समेत कई प्रस्तावों को मंजूरी मिलने की संभावना है। चित्रकूट के विकास को लेकर मंत्रियों के साथ हुई पिछली बैठक के निर्णयों को भी साझा किया जाएगा और आगामी योजना तैयार की जाएगी। इसके अलावा अलग-अलग विभागों के प्रस्ताव पर चर्चा होगी।

मोहन कैबिनेट की बैठक में इन प्रस्तावों को मंजूरी मिलेगी?

वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए नई आबकारी नीति पर चर्चा। शराब की दुकानों के पास मिनी बार (परमिट रूम) खोलने, धार्मिक नगरों में शराबबंदी और ग्रामीण क्षेत्रों में नई दुकानें शुरू करने पर चर्चा। दुकानों के पास मिनी बार या परमिट रूम खोलने का प्रस्ताव। खाली मैदानों और सड़कों पर शराब पीने की घटनाओं पर नियंत्रण के प्रयास। नई नीति के तहत 200 से ज्यादा नई शराब दुकानें खोली जाएंगी।

उज्जैन समेत एक दर्जन से ज्यादा धार्मिक नगरों में शराबबंदी पर विचार पेसा एक्ट के तहत ग्राम सभाओं को भी शराब की बिक्री पर नियंत्रण का अधिकार मिलेगा। मप्र सरकार पड़ोसी राज्यों की तुलना में शराब की कीमतों में अंतर कम करने पर विचार कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अपने बयान में पहले ही कह चुके हैं कि राज्य सरकार शराब नीति में सुधार कर धार्मिक नगरों से शराबबंदी लागू करने पर विचार कर रही है। साधु-संतों द्वारा दिए गए सुझावों पर भी विचार किया जा रहा है। सरकार जल्द ही निर्णय लेकर इस दिशा में ठोस कदम उठाएगी।

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