Google Analytics —— Meta Pixel

प्रसिद्ध वनस्पतिशास्त्री और पद्मश्री पुरस्कार विजेता केएस मणिलाल का 86 वर्ष की उम्र हुआ निधन

News Desk
2 Min Read

त्रिशूर। प्रख्यात वनस्पति विज्ञानी एवं पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित केएस मणिलाल का बुधवार को उम्र संबंधी बीमारियों के कारण निधन हो गया। वह 86 वर्ष के थे। पारिवारिक सूत्रों ने बताया कि वह कुछ समय से अस्वस्थ थे और यहां एक प्राइवेट अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली।

कट्टुंगल सुब्रह्मण्यन मणिलाल, केएस मणिलाल के नाम से जाने जाते थे। वह कालीकट विश्वविद्यालय में वनस्पति विज्ञान विभाग के पूर्व प्रमुख थे। उन्होंने प्राचीन लैटिन पुस्तक 'हार्टस मालाबारिकस' का अंग्रेजी और मलयालम में अनुवाद किया है।

वनस्पति विज्ञान में उनके दशकों लंबे योगदान, विशेष रूप से मालाबार क्षेत्र (भारत के दक्षिण-पश्चिमी तट) की समृद्ध वनस्पतियों का दस्तावेजीकरण करने वाले 17वीं शताब्दी के वनस्पति ग्रंथ हॉर्टस मालाबारिकस का अंग्रेजी और मलयालम में अनुवाद करने के उनके प्रयासों ने उन्हें व्यापक पहचान दिलाई। यह ग्रंथ क्षेत्र के वनस्पति इतिहास का अध्ययन करने वाले शोधकर्ताओं, शिक्षाविदों और छात्रों के लिए एक महत्वपूर्ण संसाधन बना हुआ है।

मणिलाल ने कई किताबें लिखीं और 200 से ज्यादा शोध पत्र प्रकाशित किए। इसके अलावा उन्होंने कई नए पादपों की प्रजातियों की भी खोज की। उन्हें कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित किया गया था। विज्ञान के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए केंद्र ने उन्हें 2020 में पद्मश्री से सम्मानित किया।

पीएम मोदी ने जताया शोक
मणिलाल के निधन पर शोक जताते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि वनस्पति विज्ञान में उनका समृद्ध कार्य आने वाली पीढि़यों, वनस्पतिशास्ति्रयों और शोधकर्ताओं के लिए मार्गदर्शक बना रहेगा। दुख की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं उनके परिवार और दोस्तों के साथ हैं। ओम शांति।
 

Share this Article