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छत्तीसगढ़-रायगढ़ में जमीन वापस मांग रहसे प्रदर्शनकारियों को अधिकारियों ने पीटा, जिंदल सीमेंट कंपनी ने 10 साल पहले कर लिया कब्जा

News Desk
4 Min Read

रायगढ़.

कोतरा रोड थाना क्षेत्र में जिंदल कंपनियों के अधिकारियों के द्वारा धरना प्रदर्शन कर रहे चार युवकों के साथ मारपीट करने का मामला सामने आया है। पीड़ित की शिकायत के बाद पुलिस ने अपराध दर्ज कर मामले को जांच में ले लिया है।
जानकारी के मुताबिक, कोतरा रोड थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम धनागर निवासी देवा पटेल (21) ने रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया कि वह केशव पटेल (28), विवेक शर्मा (28)  और टीकम यादव (18) 19 दिसंबर की सुबह एनएच 49 में जिंदल सीमेंट प्लांट के पास धरने पर बैठे थे।

पीड़ित ने बताया कि दोपहर करीब दो बजे जिंदल के लाइजिंग अधिकारी हेमंत वर्मा, अवधेश शुक्ला, नरेंद्र चंदेल, अशोक शर्मा लोग अपने गाड़ी से आये और विवेक शर्मा के द्वारा गाड़ी रुकवाई गई, तब हेमंत वर्मा ने गुस्से में उतरकर गाली-गलौज करते हुए बोला कि तुम लोग गुंडा बन रहे हो दादागिरी कर रहे हो कहते हुए कॉलर को पकड़ा और हाथ मुक्का से मारपीट करते हुए जान से मारने की धमकी दी। पीड़ित की शिकायत के बाद कोतरा रोड पुलिस ने जिंदल कंपनी के चार अधिकारी हेमंत वर्मा, नरेन्द्र चंदेल, अवधेश गुप्ता के अलावा अशोक वर्मा के खिलाफ धारा 296, 351(2), 115(2), 3(5) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज कर मामले को जांच में ले लिया है। 

पूर्वजों की जमीन का अधिग्रहण
देवा पटेल ने बताया कि वह स्नातक तक की पढ़ाई पूर्ण कर बेरोजगार है। जिंदल प्लांट के द्वारा आज से करीब 10 वर्ष पूर्व पूर्वजों की जमीन को अधिग्रहण कर उसके एवज में नौकरी देने की बात हुई थी, जो करीब तीन साल पहले से नौकरी देने के नाम से टाल मटोल करते आ रहे। कई बार आंदोलन करने के अलावा बार-बार चक्कर पर चक्कर काटने के बावजूद गांव के कई युवाओं को आज तलक नौकरी नही मिल सकी है।

चक्कर पर चक्कर काटते रहे युवा
देवा पटेल ने बताया कि पिछले समय उन्होंने जिंदल कंपनी में नौकरी की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन किया था, तब जिंदल के अधिकारियों ने लिखित में आश्वासन देकर आंदोलन समाप्त करवाया था और कहा गया था कि पांच-पांच करके युवाओं को कंपनी में लेने की बात कही गई थी, लेकिन एक साल से अधिक समय तक चक्कर पर चक्कर कटवाने के बावजूद आज तलक नौकरी नहीं दी गई।

हर बार मिलता रहा आश्वासान
जिंदल कंपनी के अधिकारियों ने यह भी आश्वासन दिया था कि सीमेंट प्लांट के पास काम चालू होते ही युवाओं को काम में लिया जाएगा, लेकिन काम चालू होनें के बाद भी युवाओं को नही लिया गया। इसी बीच कल कुछ लड़के प्लांट तरफ गए थे, तब उन्होंने देखा कि काम चल रहा था। इसके बाद चारो युवक फिर से धरने पर बैठ गए और फिर गार्ड ने इस मामले की जानकारी लाईजनिंग विभाग के अधिकारियों को दी, जिसके बाद वहां से आये जिंदल कंपनी के अधिकारियों ने गाड़ी को सीधे युवकों पर चढ़ाने प्रयास किया गया।

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