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ओयो छत्तीसगढ़ में 500 करोड़ का करेगा निवेश, 15 हजार लोगों को मिलेगा रोजगार

News Desk
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रायपुर

मल्टीनेशनल कंपनी ओयो राज्य में 500 करोड़ का निवेश करेगी। इससे लगभग 15 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा। अंतरराज्यीय बस स्टैंड भाठागांव में हुए एक कार्यक्रम के दौरान ओयो के फाउंडर रितेश अग्रवाल ने यह बात कही।

इनोवेट के गेम जोन में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और ओयो फाउंडर अग्रवाल ने टेबल टेनिस भी खेला। ओयो के फाउंडर रितेश अग्रवाल ने कहा कि स्टार्टअप के जरिए हमें बड़ी सफलता मिली थी। वर्तमान में ओयो के 22 हजार होटल चल रहे हैं। छत्तीसगढ़ में इनोवेट के शुरू होने से हजारों युवाओं को फाउंडर बनने का अवसर मिलेगा।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिया गया है। इससे निश्चित ही स्टार्टअप शुरू करने वाले युवाओं को प्रोत्साहन मिलेगा। इस मौके पर विधायक मोतीलाल साहू, पुरंदर मिश्रा, अनुज शर्मा, विक्रम उसेंडी, कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह, नगर निगम आयुक्त अबिनाश मिश्रा, जिला पंचायत सीईओ विश्वदीप समेत अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद थे।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भाठागांव स्थित अंतर्राज्जीय बस स्टैंड में नवनिर्मित इनोवेशन सेंटर का शुभारंभ किया। साथ ही जयस्तंभ चौक के मल्टीलेवल पार्किंग में नवनिर्मित को-वर्किंग स्पेस, आरंभ का वर्चुअली लोकार्पण किया।

मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर सेंटर फॉर इनोवेशन, ट्रेड एंड स्किलिंग की स्थापना, रायपुर जिले में 1,000 सीटर को-वर्किंग स्पेस निर्माण और नगर निगम क्षेत्र के प्रत्येक जोन में एक-एक बॉक्स स्पोर्ट्स कांप्लेक्स के निर्माण की घोषणा की।

महिला स्टार्टअप को मिलेगा बढ़ावा
वहीं, अब 50 से अधिक महिला नेतृत्व वाले स्टार्टअप को भी बढ़ावा दिया जाएगा। मुख्यमंत्री साय ने नवगुरूकुल संस्था के युवाओं को जाब आफर लेटर दिया। शी-हब से जुड़ी महिलाओं और स्टार्टअप कंपनियों के युवा उद्यमियों का सम्मान किया। साथ ही बीपीओ सेंटर से जुड़े युवाओं को नियुक्ति पत्र दिया।

युवाओं के लिए तैयार हो रहा सपोर्ट सिस्टम
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा उद्यमियों के दिमाग में उद्यम के बहुत से विचार हैं। वे अपना स्टार्टअप आरंभ करना चाहते हैं, बस उन्हें थोड़ा सहयोग देने की आवश्यकता है फिर वे कमाल कर दिखाएंगे। सरकार युवाओं के लिए यही सपोर्ट सिस्टम तैयार कर रही है।

उन्होंने कहा कि को-वर्किंग एंड इनोवेशन सेंटर के रूप में यही ऑफिस स्पेस उन्हें उपलब्ध करा रहे हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि को-वर्किंग सेंटर होगा तो अन्य स्टार्टअप कंपनियां भी यहां आपरेट करेंगी। इस तरह से एक तरह की सोच वाले उद्यमी एक ही स्थान पर काम करेंगे। इससे वे आपस में विचारों को साझा भी करेंगे, जिससे नवाचार का वातावरण तैयार होगा।

एक करोड़ रुपये में बना इनोवेशन सेंटर
48 लाख रुपये की लागत से जयस्तंभ चैक के मल्टीलेवल पार्किंग सेंटर में आरंभ स्टार्टअप को-वर्किंग सेंटर और एक करोड़ रुपये की लागत से अंतरराज्यीय बस टर्मिनल में इनोवेशन सेंटर तैयार किया गया है। यहां स्टार्टअप उद्यमियों को काम करने के लिए ऑफिस मिल जाएगा। साथ ही प्राइवेट केबिन होंगे, कंप्यूटर मिल जाएंगे और फर्नीचर उपलब्ध होगा, कैफेटेरिया भी होगा।

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