Google Analytics —— Meta Pixel

ग्रामीण भारत में वित्तीय समावेशन के लिए डाकघरों को बनाया जा रहा रीढ़: संचार राज्य मंत्री

News Desk
1 Min Read

संचार राज्य मंत्री चंद्रशेखर पेम्मासानी ने राज्यसभा को बताया कि डाकघरों को वित्तीय समावेशन के लिए ग्रामीण भारत की रीढ़ बनाने का प्रयास किया जा रहा है। प्रश्नों के उत्तर में संचार राज्य मंत्री ने कहा कि पोस्ट पेमेंट्स बैंक की शुरुआत के बाद उनमें 45 प्रतिशत से अधिक महिलाओं के खाते खोले गए हैं।

उन्होंने कहा, हमने हर डाकिया को चलता फिरता एटीएम बनाने के लिए 1.4 लाख मोबाइल फोन, 1.4 लाख थर्मल प्रिंटर और तीन लाख बायोमेट्रिक डिवाइस दिए हैं ताकि वे हर महिला गृहिणी के दरवाजे तक जा सकें।

उन्होंने कहा, भारत सरकार का लक्ष्य न्यूनतम तीन किमी की दूरी पर एक डाकघर रखना है। हमने अब हर गांव को 1.65 लाख डाकघरों से जोड़ दिया है। कोई भी डाकघर बंद नहीं हुआ है। हमने दुनियाभर में ग्रामीण उत्पादों को निर्यात करने की कोशिश की है।

Share this Article