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बिलासपुर में आवारा कुत्तों का आतंक, रोजाना 20 से 30 हो रहे शिकार

News Desk
3 Min Read

बिलासपुर

शहरी क्षेत्र में लगातार आवारा कुत्तों की संख्या बढ़ते ही जा रही है। इसका खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है। मौजूदा स्थिति में शहरी क्षेत्र में कुत्तों की संख्या 10 हजार पार हो चुकी है। वहीं अब कुत्तों का आतंक बढ़ते ही जा रहा है। खासतौर से रात होते ही झूंड बनाकर राहगिरों और वाहन चालकों पर हमला बोल रहे हैं।

ठंड बढ़ने के साथ ही हिसंक प्रवृत्ति बढ़ते जा रहा
ठंड बढ़ने के साथ ही इनकी हिसंक प्रवृत्ति और भी बढ़ते जा रहा है। शहर की सड़कों में रातभर इनका आंतक रहता है। इसी वजह से शहरी क्षेत्र में रोजाना 20 से 30 लोग कुत्ता काटने का शिकार हो रहे हैं। ये अधिकारिक आंकड़ा सिम्स व जिला अस्पताल पहुंचने वाले मामले हैं।

संख्या बढ़ने के बाद भी नगर निगम कुत्तों के नियंत्रण के लिए कोई भी काम नहीं कर रही है। ऐसे में तेजगति से कुत्तों की संख्या बढ़ते ही जा रही है और इनका आतंक भी बढ़ते ही जा रहा है। रोजाना लोग कुत्ते के काटने का शिकार हो रहे हैं। शहर के कई सड़क ऐसी है, जहां पर से निकलने के दौरान कुत्ते हमला बोल देते हैं।

ये है शहर के डाग स्पाट

स्मार्ट रोड व्यापार विहार,
श्रीकांत वर्मा मार्ग
लिंक रोड
सीएमडी चौक से पीजीबीटी कालेज रोड तक
सिंधी कालोनी रोड
नेहरू नगर मुख्य मार्ग
जगमल चौक से पावर हाउस चौक तक
मोपका रोड, सरकंडा सीपत रोड, रेलवे रोड
तालापारा मार्ग
सरकंडा मुख्य मार्ग आदि।

निजी अस्पताल में आने वाले मामलों का कोई रिकार्ड नहीं
कुत्ते काटने के रोजाना के 20 से 30 मामले सरकारी अस्पतालों के हैं। वहीं निजी अस्पताल में कुत्ते काटने के पहुंचने वाले मामलों का कोई भी रिकार्ड नहीं है। जबकि शहरी क्षेत्र में 150 से ज्यादा छोटे बड़े नर्सिंग होम हैं। इनकी रोजाना ओपीडी चलती है। इन अस्पतालों में भी कुत्ते काटने के मामले पहुंचते हैं। इसलिए निजी अस्पताल पहुंचने वाले मामलों का सही आकड़ा सामने लाना मुश्किल रहता है।

रात होते ही सड़कों में रहता राज
रात होते ही सड़क किनारे रहने वाले कुत्ते हिंसक प्रवित्ति अपना लेते हैं। इनके एक झूंड में 10 से 20 तक कुत्ते रहते हैं। साफ है कि इनकी ताकत बढ़ जाती है और आने जाने वाले लोगों को दौड़ते हैं और मौका मिलते ही डाग बाईट का शिकार बना लेते हैं।

 

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