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परख सर्वेक्षण: केंद्र सरकार की निगरानी में शिक्षा गुणवत्ता का आंकलन, छत्तीसगढ़ में शिक्षा सुधार की दिशा में एक कदम

News Desk
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रायपुर: केंद्र सरकार के स्कूल शिक्षा मंत्रालय (एनसीईआरटी) द्वारा छत्तीसगढ़ समेत सभी राज्यों के सरकारी और गैर-सरकारी स्कूलों के कक्षा 03 से 09 तक के छात्रों की दक्षता का मूल्यांकन करने के लिए राष्ट्रीय सर्वेक्षण 2024 परीक्षा का आयोजन 4 दिसंबर को किया जाएगा। राज्य शिक्षा सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी ने सभी स्तरों पर व्यापक प्रशासनिक, प्रबंधकीय और शैक्षणिक तैयारियों की शुरुआत करने के निर्देश दिए हैं, ताकि सभी छात्र पूर्व तैयारी कर सकें और अपनी क्षमताओं का मूल्यांकन कर सकें।

परख-2024 के आकलन कार्य को सभी जिलों में पूरी तरह से लागू करने के लिए जिला शिक्षा अधिकारी, जिला मिशन समन्वयक और प्राचार्य डाइट को संयुक्त रूप से नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। कुल 99 जिला स्तरीय अधिकारी इस कार्य की जिम्मेदारी संभालेंगे, जबकि सभी 146 विकासखंडों में बीईओ, बीआरसीसी और संकुल प्राचार्य को संयुक्त रूप से जिम्मेदारी सौंपी गई है।

पूछे जायेंगे ये सवाल 

परख राष्ट्रीय सर्वेक्षण में कक्षा 3 के छात्रों से भाषा, गणित और उनके आस-पास की दुनिया से संबंधित 90 मिनट में 45 प्रश्न पूछे जाएंगे। कक्षा 6 के लिए इन विषयों से जुड़े 51 प्रश्न 90 मिनट के भीतर हल करने होंगे। कक्षा 9 के छात्रों को भाषा, गणित, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान के 60 प्रश्नों का उत्तर 120 मिनट में देना होगा। सभी परीक्षार्थियों को एक ही प्रश्न पत्र प्रदान किया जाएगा, और इस मूल्यांकन में माइनस मार्किंग का प्रावधान नहीं है।

केंद्र सरकार की दिशा-निर्देशों के अनुसार

केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार, जिस माध्यम की स्कूल का चयन किया गया है, उस माध्यम की पहली भाषा पर आधारित प्रश्नपत्र तैयार किया जाएगा। यदि अंग्रेजी माध्यम की कई स्कूलों को सेम्पल स्कूल के रूप में चुना जाता है, तो वहां अंग्रेजी में आकलन परीक्षा आयोजित की जाएगी। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सभी छात्रों को उनकी भाषा के अनुसार प्रश्नपत्र मिले।

राज्य में परख राष्ट्रीय सर्वेक्षण 2024 के लिए सेंपल स्कूलों के रूप में सरकारी स्कूलों, राज्य शासन से अनुदान प्राप्त स्कूलों, गैर अनुदान प्राप्त निजी स्कूलों, केंद्रीय विद्यालयों और नवोदय विद्यालयों का चयन किया जाएगा। यह प्रक्रिया सुनिश्चित करेगी कि विभिन्न प्रकार के शैक्षणिक संस्थानों से छात्रों का समुचित प्रतिनिधित्व हो सके।

विद्यार्थियों की शैक्षिक दक्षता सुधार हेतु 

राज्य के विद्यार्थियों की शैक्षिक दक्षता को राष्ट्रीय स्तर पर सुधारने के लिए, एससीईआरटी और समग्र शिक्षा राज्य परियोजना द्वारा कक्षा 3, 6 और 9 के छात्रों को प्रश्न बैंक और रीडिंग कार्ड प्रदान किए गए हैं। सभी निजी और सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों के लिए मॉक टेस्ट का आयोजन किया जा रहा है, जिससे उनकी तैयारी को और मजबूत किया जा सके। इस प्रक्रिया में लगभग 19000 छात्र अध्यापकों का सहयोग लिया जा रहा है, और बीआरसीसी, सीआरसीसी, प्राचार्य, प्रधान पाठक और विषय शिक्षकों को भी मार्गदर्शन और प्रशिक्षण दिया जा रहा है।  

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