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प्रेमी सरपंच को अय्याशी करना पड़ा महंगा, दूसरी पत्नी ने रंगे हाथ पकड़ कर कर दी पिटाई

News Desk
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उज्जैन: नीमच जिले के एक सरपंच और उसकी महिला मित्र कार से कहीं जा रहे थे, तभी सरपंच की पत्नी ने उन्हें देख लिया। हुआ यूं कि पत्नी ने बिना सोचे-समझे दोनों की पिटाई कर दी। मारपीट के बाद पत्नी ने खूब हंगामा भी किया। सरेआम हुई इस पिटाई का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस तीनों को थाने ले आई। थाने में तीनों के बीच बहस का दौर चला। हालांकि अंत में दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ कोई कार्रवाई न करने का लिखित आवेदन पुलिस को दिया। यहां पता चला कि मारपीट करने वाली महिला सरपंच की दूसरी पत्नी है। पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार नीमच जिले के सावन ग्राम पंचायत के सरपंच जितेंद्र माली अपनी महिला मित्र के साथ उज्जैन आए थे। वे इंदौर रोड स्थित लालगेट के पास प्रकाश होटल में रुके थे। बुधवार सुबह सरपंच अपनी महिला मित्र के साथ कार में होटल से निकले ही थे कि उनकी पत्नी ने उन्हें रंगे हाथों पकड़ लिया। सरपंच की पत्नी ने गाली-गलौज और मारपीट शुरू कर दी। इस घटना का किसी ने वीडियो बना लिया, जिसमें सरपंच की पत्नी कार में अपने पति के बगल में बैठी अपनी महिला मित्र की पिटाई कर रही है।

सरपंच की दो पत्नियां हैं, दोनों से उसके दो बच्चे हैं

सरपंच जितेंद्र माली की पहली शादी करीब 20 साल पहले सपना माली से हुई थी। इसके बाद सरपंच ने करीब 15 साल पहले स्वास्थ्य विभाग में काम करने वाली उषा आर्य से शादी कर ली और उसके साथ रहने लगा। जितेंद्र माली के दोनों पत्नियों से दो बच्चे हैं। सरपंच की दूसरी पत्नी उषा का आरोप है कि जितेंद्र अब तीसरी बार आंगनबाड़ी में काम करने वाली महिला से शादी करना चाहता है। उषा ने कहा कि मेरे हाथ दोनों के कई फोटो और वीडियो भी लग गए। मैंने उसके पति को समझाने की कोशिश की तो वह पैर पकड़कर माफी मांगने लगा और अपने बच्चों की खातिर गिड़गिड़ाने लगा। मुझे पता चला कि दोनों उज्जैन चले गए हैं, जिसके बाद मैंने पीछा करके दोनों को पकड़ लिया।

इस मामले में नानाखेड़ा थाना प्रभारी नरेंद्र यादव ने बताया कि सरपंच की पत्नी उज्जैन के प्रकाश होटल पहुंची थी और उसने सरपंच को उसकी प्रेमिका के साथ पकड़ लिया। ये सभी नीमच जिले की सावन ग्राम पंचायत के निवासी हैं। मारपीट का वीडियो भी सामने आया है, लेकिन आपसी मामला होने के कारण समझौते के लिए लिखित में आवेदन दिया गया है। कोई भी पक्ष कार्रवाई नहीं चाहता है।

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