Google Analytics —— Meta Pixel

हैरान रह जाएंगे आप इसका सच जानकर, आखिर कैसे बनता है साबूदाना

NEWSDESK
2 Min Read

आज के समय में उपवास रखने वाले कई लोग साबूदाना का सेवन करते है। साबूदाना का सेवन सेहत के लिए फायदेमंद होता है। क्योकी इसमें स्टार्च, कार्बोहाइड्रेट, कैल्शियम और विटामिन सी पाया जाता है। लेकिन अधिकांश लोग यह नही जानते कि साबूदाना कैसे बनता है या इसको बनाने में किस चीज का इस्तेमाल किया जाता है।

साबूदाना के फायदे-

साबूदाना में कार्बोहाइड्रेट्स भरपूर मात्रा में पाया जाता है। जो हमें इंस्टेंट एनर्जी देकर हमारे शरीर की थकान को दूर करता है। साबूदाना में स्टार्च भरपूर मात्रा में होता है। जो कब्ज, गैस, पाचन क्रिया जैसी समस्याओं को दूर करता है। साबूदाना में विटामिन B6, फॉलिक एसिड और कैल्शियम होता है। जो हमारी त्चचा को हेल्दी बनाए रखने में मदद करता है।

भारत में कैसे आया साबूदाना-

भारत में साबूदाना टौपिओका स्टार्ट से बनाया जाता है। इस टैपिओका स्टार्च को बनाने के लिए कसावा नामक कंद का उपयोग होता है। जो दिखने में ज्यादातर शकरकंद जैसा होता है। कसावा का पौधा मूल रुप से ब्राजील और उसके आसपास के देशों में पाया जाता है। कसावा के पौधे की शुरूआत दक्षिण अमेरिका से हुई। कसावा का पौधा 19 वी सदी के बाद भारत में आया। भारत में तमिलनाडु के सेलम जिले में कसावा की खेती की सबसे ज्यादा होती है।

कैसे बनता है साबूदाना-

साबूदाना टौपिओका स्टार्च से बनाया जाता है। साबूदाना को बनाने के लिए टैपिओका के गूदे को निकालकर बड़े टैंकों में डालकर रख दिया जाता है। फिर उसमें लगातार पानी डाला जाता है। फिर इसे सुखाने के बाद इन पर ग्लूकोज और स्टार्च से बने पाउडर की पॉलिश की जाती है। जिसके बाद साबुदाना बनकर तैयार होता है। 1943 से 1944 के दौरान तमिलनाडु के सेलम में साबुदाना बनाने की शुरूआत हुई थी।

Share this Article