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सरकारी स्कूल से पढ़ीं, UPSC में 2 बार हुईं फेल, नहीं मानी हार और बन गईं IPS, नाम से कांपते हैं नक्सली

NEWSDESK
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IPS Story: यूपीएससी परीक्षा निकालना आसान काम नहीं है. इसमें कई बार फेल होने के बाद भी आपको वापस खुद को तैयार करना होगा और फिर से तैयारी में लग जाना होगा. इसिलिए कहा जाता है कि यूपीएससी क्रैक करने के लिए काबिलियत के साथ-साथ हार न मानने का जज्बा भी होना चाहिए. ऐसी ही एक जांबाज महिला अधिकारी की कहानी हम आपको बताने जा रहे हैं, जिन्होंने कठिन मेहनत से आईपीएस बनने तक का सफर हासिल किया है. उनकी बहादुरी के किस्से आज देशभर में मशहूर हैं. पढ़ें उनके हौसले की पूरी कहानी-

ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने पोस्ट ग्रेजुएशन में एमबीए किया. इसके बाद वह सिविल सर्विसेज की तैयारी में जुट गईं. आम एस्पिरेंट्स की तरह वह भी परीक्षा की तैयारी के लिए दिल्ली गईं, लेकिन उनका वहां मन नहीं लगा. 6 महीने में ही वह दिल्ली छोड़कर अपने घर वापस आ गईं और वहीं से परीक्षा की तैयारी करने की ठानी.

यूपीएससी परीक्षा का उनका सफर आसान नहीं रहा. पहले प्रयास में उन्होंने प्रीलिम्स तो क्लियर किया, लेकिन मेन्स में 15 नंबर से रह गईं. इसके बाद दूसरी बार में तो वह प्रीलिम्स भी पास नहीं कर पाईं. 2 बार की लगातार असफलता से अंकिता हताश नहीं हुईं, बल्कि अपनी गलतियों से सीखकर ज्यादा मेहनत की और तीसरी बार में परीक्षा क्लियर कर ली.

उन्होंने यूपीएससी 2018 की परीक्षा में 1035 अंको के साथ 203 रैंक हासिल की थी (Ankita Sharma UPSC Rank and Marks). उन्हें छत्तीसगढ़ कैडर में आईपीएस रैंक आवंटित हुई थी. इसके साथ वह राज्य की पहली महिला आईपीएस अधिकारी बनी थीं. वर्तमान में वह खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले में बतौर एसपी तैनात हैं.

इसके अलावा उन्हें नक्सल प्रभावित इलाकों में एंटी नक्सली ऑपरेशन का इंचार्ज भी बनाया गया. इस दौरान उन्होंने नक्सलियों के खिलाफ कई सफल अभियान चलाए हैं. उनकी जांबाजी के किस्से देशभर में मशहूर हैं. बॉलीवुड अभिनेत्री रवीना टंडन भी उनकी बहादुरी की तारीफ कर चुकी हैं. अंकिता बताती हैं कि वह किरण बेदी को अपना रोल मॉडल मानती हैं. बता दें कि अंकिता शर्मा के पति विवेकानंद शुक्ला भी सेना में अफसर हैं.

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