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लगातार फायरिंग के बाद शाहीन बाग में उठाया गया ये कदम, अब कोई भी

NEWSDESK
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दिल्ली के शाहीन बाग़ में नागरिकता कानून को लेकर महिलाएं विरोध प्रदर्शन करने के लिए बैठी है, जिसके बाद से इन पारदर्शनकारी महिलाओं लगातार दो बार फायरिंग करने की कोशिश की गई. आपको बता दें कि शाहीन बाग में 52 दिन से धरना जारी है. हाल ही में दिल्ली में हुई फायरिंग की घटना के बाद शाहीन बाग में अब सुरक्षा और कड़ी कर दी गई है.

गौरतलब है कि इसके मद्देनजर सोमवार शाम इलाके में रैपिड एक्शन फोर्स को तैनात कर दिया गया. वहीं, बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स के जवान भी शाहीन बाग पहुंचे हैं. वहीं फोर्स की तैनाती एहतियात के तौर पर की गई है. यहां पिछले 50 दिन से नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) और एनआरसी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन चल रहा है.

इसके साथ ही प्रदर्शनकारियों की मांग है कि सरकार जब तक यह कानून वापस नहीं लेती, तब तक उनका प्रदर्शन जारी रहेगा. हाल के कुछ दिनों में यहां से गोलीबारी की भी खबरें भी हैं. पुलिस ने फायरिंग करने वालों को हिरासत में लिया है और आगे की जांच जारी है.

डेढ़ महीने से ज्यादा समय से चले आ रहे शाहीनबाग धरना प्रदर्शन पर चुप्पी साधे पुलिस आयुक्त अमूल्य पटनायक ने रविवार को प्रदर्शनकारियों से हटने की अपील की थी. उन्होंने शाहीनबाग में धरने पर जमे लोगों से कहा था, ‘आप लोग मुख्य मार्ग से हट जाएं.’करीब डेढ़ महीने से मुंह बंद किए बैठे पुलिस आयुक्त पटनायक ने कहा था, ‘जो लड़का शाहीनबाग में फायरिंग करने आया था, उसमें हिम्मत नहीं थी कि वह कुछ और कर पाता.’ उन्होंने आगे कहा, ‘एक दो घटना घटी हैं, जो अलग हैं. पुलिस ने शाहीनबाग में धरने वाली जगह पर सुरक्षा के पूरे इंतजामात किए हैं.’

वहीँ इसके साथ ही पुलिस आयुक्त ने रविवार को ही कहा था कि चुनाव को शांतिपूर्ण ढंग से कराने के वास्ते करीब 59 हजार सुरक्षाबल तैनात किए जाएंगे. इसमें करीब 40 हजार दिल्ली पुलिस के अफसर व जवान और करीब 19 हजार होमगार्ड होंगे. इसकी शुरुआत सोमवार को हो गई. प्रदर्शन स्थल पर रैपिड एक्शन फोर्स के साथ बीएसएफ के जवान भी पहुंचे हैं.

बता दें कि इस फोर्स में दंगे के समय इस्तेमाल होने वाली मशीनरी को भी तैनात किया गया है. इसके अलावा अब ऐसी किसी भी घटना से बचने के लिए पुलिस ने वहां मेटल डिटेक्टर भी लगा दिया है. जामिया और शाहीन बाग में 4 दिनों में हुई तीन फायरिंग की घटना ने देश की संसद को भी हिला दिया. गोलीकांड को लेकर पक्ष-विपक्ष में तूतू-मैमै हुई तो दिल्ली पुलिस के आलाअधिकारी और मुस्तैद हो गए.

वहीं दिल्ली पुलिस के स्पेशल कमिश्नर, जॉइंट कमिश्नर और कई अधिकारी जामिया और फिर शाहीनबाग प्रदर्शन के आसपास की सुरक्षा व्यवस्था का मुआयना करने पहुंचे. इसके बाद प्रदर्शन वाली जगहों के पास सुरक्षा और ज्यादा बढ़ा दी गई. दोनों तरफ मेटल डिटेक्टर लगाए गए हैं. सबकी तलाशी ली जा रही है, सामान भी चेक किया जा रहा है.

पुलिस अधिकारियों ने किसी भी घटना से निपटने के लिए न सिर्फ सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों से बात की बल्कि वोलेंटियर्स से भी बात की और उनको सुरक्षा को लेकर कई तरीकों को ब्रीफ भी किया.

सीएए के विरोध में शाहीन बाग में हो रहे प्रदर्शन की वजह करीब 52 दिन से दिल्ली से नोएडा को जोड़ने वाली सड़क पूरी तरह से बंद है. इस सड़क जाम से जनता को हो रही तकलीफों को लेकर सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई होनी है.

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