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यह बात जानकर आप भी कभी नहीं पीयेंगे फ्रिज का ठंडा पानी

NEWSDESK
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पीने का पानी या पीने योग्य पानी, समुचित रूप से उच्च गुणवत्ता वाला पानी होता है जिसका तत्काल या दीर्घकालिक नुकसान के न्यूनतम खतरे के साथ सेवन या उपयोग किया जा सकता है। अधिकांश विकसित देशों में घरों, व्यवसायों और उद्योगों में जिस पानी की आपूर्ति की जाती है वह पूरी तरह से पीने के पानी के स्तर का होता है, लेकिन वास्तविकता में इसके एक बहुत ही छोटे अनुपात का उपयोग सेवन या खाद्य सामग्री तैयार करने में किया जाता है।
हमारे शरीर में खून की कमी का सबसे बड़ा कारण है ठंडा पानी! जब हम पानी पीते हैं, तो यह हमारे पेट में जाता है! तब हमारा पेट इसे शारीरिक तापमान तक गर्म करता है! हमारे शरीर में गर्मी लाने का काम खून करता है या कहें कि खून हमारे शरीर में गर्मी पैदा करता है!तो जब ठंडा पानी हमारे पेट में आता है, तो अन्य अंगों से खून पेट में जमा होकर इस पानी को गरम करता है! जब खून पेट में इकट्ठा हो जाता है, तो शरीर उन अंगों में खून की कमी हो जाती है!
आमतौर पर हमारे शरीर में जो बड़ी आंत होती है, वह ठंडा पानी पीने पर सिकुड़ जाती है! क्यूंकि बड़ी आंत का खून पेट में पानी को गरम करने के लिए चला जाता है! आपने देखा होगा कि जो लोग ठंडा पानी पीते हैं, वे सुबह टॉयलेट में आधा-एक घंटा लगाकर बाहर आते हैं! कई लोग तो किताबें, अखबार या मोबाइल फ़ोन का इस्तेमाल भी टॉयलेट में ही करते हैं! क्यूंकि उनका पेट साफ़ नहीं होता और वे उस समय में टाइम पास करने के लिए इन चीज़ों का इस्तेमाल करते हैं! पेट साफ न होने से कब्ज की समस्या हो जाती है! और यह तो आप जानते ही हैं की कब्ज हमारे शरीर में और भी कई रोगों को आमंत्रण देती है!
तो फिर किस मौसम में कैसा पानी पीएं? इसका हल आयुर्वेद में दिया है:-
1- गर्मियों में मिट्टी के घड़े का पानी पीएं!
2- सर्दियों में गुनगुना पानी पीएं!
3- बरसात में पानी को उबाल कर साधारण तापमान में लाकर पीएं!

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