उप मुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने हालिया ई-मेल की तुलना पेगासस जैसी घटना से करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में चुनाव के लिए कुछ ही दिन शेष बचे हैं. इस प्रकार का ई-मेल आना चिंता का विषय है.
Chhattisgarh Assembly Election : राज्य में विधानसभा चुनाव (Assembly Election) की तैयारियों के बीच छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) से नेताओं के फोन हैकिंग (Phone Hacking) से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है. छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (Bhupesh Baghel) ने कहा है कि मेरा मोबाइल हैक होने की आशंका है. उन्होंने कहा कि उनका मोबाइल पिछले आठ घंटों से बंद है. चार्ज होने के बाद भी फोन चालू नहीं हुआ है. सीएम बघेल ने कहा, ‘कुछ तो गड़बड़ है. मैं मोबाइल जांच के लिए भेजूंगा.’
‘निजता के हनन’ की आशंका
बता दें कि कांग्रेस सांसद राहुल गांधी, टीएस सिंहदेव सहित कई नेताओं के फोन पर भी थ्रेट अलर्ट आया है, जिसमें ‘राज्य-प्रायोजित’ निगरानी की बात कही गई है. टीएस सिंहदेव ने कहा कि स्टेट स्पॉन्सर्ड अटैकर्स की ओर से उनके आईफोन को टारगेट किए जाने की संभावना है. उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि इसमें किसी भी प्रकार की राजनीतिक संलिप्तता है तो यह भारत के लोकतंत्र और व्यक्ति की निजता का हनन है
निजता की सुरक्षा सरकार की जिम्मेदारी’
उप मुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने हालिया ई-मेल की तुलना पेगासस जैसी घटना से करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में चुनाव के लिए कुछ ही दिन शेष बचे हैं. इस प्रकार का ई-मेल आना चिंता का विषय है. उन्होंने कहा कि देश की सरकार की जिम्मेदारी सिर्फ सीमाओं की सुरक्षा तक सीमित नहीं है बल्कि व्यक्ति की निजता की सुरक्षा भी भारत सरकार की जिम्मेदारी है. उन्होंने कहा कि यदि इस प्रकार की कोई घटना होती है तो यह शासन की डिजिटल सुरक्षा प्रणाली पर एक बहुत बड़ा प्रश्नचिन्ह है.

