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मुख्यमंत्रियों सीएम भूपेश बघेल ने शनिवार को नरेन्द्र मोदी सरकार पर जमकर साधा निशाना, जाने वजह…

NEWSDESK
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कांग्रेस पार्टी शासित राज्यों पंजाब व छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्रियों ने शनिवार को नरेन्द्र मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा. पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह व छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल ने आर्थिक सुस्ती एवं GST के तहत राज्यों को दी जाने वाली क्षतिपूर्ति राशि का भुगतान नहीं होने के कारण केन्द्र सरकार पर जमकर निशाना साधा.

इन दोनों मुख्यमंत्रियों ने राष्ट्रीय राजधानी में एक प्रोग्राम को संबोधित करते हुए यह बात कही. सिंह ने बोला कि उन्हें नहीं लगता है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण राज्यों की परेशानियों को समझती हैं. उन्होंने बोला कि राज्यों को GST होने वाली पूरी आय केन्द्र को देना होता है. उन्होंने बोला कि पंजाब को अगस्त से बकाये का भुगतान नहीं किया गया है.

सिंह ने कहा, ”मुझे नहीं लगता कि वह (वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण) राज्यों की परेशानियों को समझ पा रही हैं. GST से होने वाली सभी आय को हम केन्द्र को पास कर देते हैं. मुझे अगस्त से अबतक का बकाया नहीं मिल सका है. हम वेतन के भुगतान के लिए उधार मांगते नहीं रह सकते.”

आर्थिक सुस्ती के संदर्भ में बघेल ने बोला कि कांग्रेस पार्टी इस सवाल को लेकर 14 दिसंबर को प्रदर्शन करेगी. उन्होंने कहा, ”सीतारमण प्याज के बारे में भी नहीं समझती हैं. वह किसी व वस्तु को कैसे समझेंगी. हम बोनस की मांग नहीं कर रहे हैं लेकिन केन्द्र से वह खरीदने के लिए कह रहे हैं, जो वह पहले किया करती थी. हने यह सुनिश्चित किया है कि हमारे प्रदेश में किसानों व श्रमिकों को सुस्ती की मार ना झेलनी पड़े. हमें आम लोगों को रुपये देने की आवश्यकता है. उन्होंने (सरकार ने) भारतीय रिजर्व बैंक से पैसे लिए हैं लेकिन वे गए कहां? उपभोक्ताओं के हाथ बंधे हुए हैं. मांग नहीं है. लोग कम खर्च कर रहे हैं.”

सिंह व बघेल का यह बयान ऐसे समय में आया है जब हाल ही में जीडीपी के ताजा आंकड़े जारी हुए हैं. सरकार की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक चालू वित्त साल की दूसरी तिमाही में देश की आर्थिक वृद्धि की गति घटकर 4.5 फीसद रह गई. दूसरी ओर प्याज की आसमान छूती कीमतों के कारण मुद्रास्फीति में भी बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है. यही वजह है कि भारतीय रिजर्व बैंक ने पांच दिसंबर को नीतिगत दरों की समीक्षा में रेपो रेट को 5.15 फीसद पर यथावत रखने का निर्णय किया था.

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