Google Analytics —— Meta Pixel

मिसाल : फोटोग्राफर ने कैमरा बेचकर कराया अनाथ बच्ची का इलाज

NEWSDESK
4 Min Read

गुजरात के सूरत के एक दंपति ने इंसानियत की मिसाल पेश की है. सूरत के वराछा इलाके में रहने वाले लिंबाचिया दंपति ऐसी मासूम बच्ची का पालन पोषण कर रहे हैं, जिसने नौ महीने पहले अपने पूरे परिवार को खो दिया था. इस दंपति ने मासूम हैनी के इलाज के लिए न सिर्फ ब्याज पर पैसे उधार लिए, बल्कि अपने घर का काफी सामान तक बेच डाला.

दरअसल, 9 महीने पहले घर में आग लगने से मासूम हैनी का पूरा परिवार खत्म हो गया था. इस हादसे में 45 दिन की हैनी का मुंह का हिस्सा भी काफी झुलस गया था. इसके बाद लिंबाचिया दंपति ने इस अनाथ बच्ची को अपना लिया और उपचार करवा कर उसे फिर खूबसूरत बना दिया. इसके लिए दंपति ने सिर्फ ब्याज पर रुपये ही नहीं लिए, बल्कि अपने घर का सामान तक बेच दिया.

नीलेश पेशे से फोटोग्राफर हैं और स्टूडियो चलाते हैं. आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं होने के बावजूद वे हैनी को लेकर कई अस्पताल घूमे और उसका उपचार करवाया. उन्होंने हैनी के इलाज के लिए अपने कैमरे और घर के सामान तक बेच डाले. हैनी का पालन-पोषण करने वाले नीलेश लिंबाचिया का कहना है कि आज ये बच्ची ही उनके लिए सब कुछ है.

नीलेश ने बताया कि ये बच्ची अपने खुद के माता-पिता के साथ सूरत शहर के मोटा वराछा के पास वेलंजा में रहती थी. 16 जनवरी को घर में आग लगने से हैनी के पिता भावेश कोलाडिया, उनकी पत्नी, बेटे और बेटी बुरी तरह झुलस गए थे. उस समय हैनी डेढ़ महीने की थी, जब उसके सिर से माता-पिता और बड़े भाई का साया उठ गया था.

नीलेश के दोस्त थे हैनी के पिता

हैनी के पिता भावेश कोलाडिया नीलेश के दोस्त थे. नीलेश और उनकी पत्नी काजल हैनी के लिए फरिश्ता बनकर आए. नीलेश और उनकी पत्नी काजल पिछले 8 महीने से हैनी का पालन पोषण कर रहे हैं. निलेश और उनकी पत्नी के वैवाहिक जीवन को 10 साल बीत चुके हैं, मगर उनके घर में किसी बच्चे ने जन्म नहीं लिया. सूरत के इस नि:संतान दंपति ने हैनी को गोद ले लिया और उसके इलाज की जिम्मेदारी भी ली. किसी भी बच्चे के लिए जितनी जरूरत उसके लिए पिता की होती है, उससे कई गुना ज़्यादा बच्चे को मां की ज़रूरत होती है.

काजल लिंबाचिया की लाडली है हैनी

नीलेश की पत्नी काजल मां बनकर हैनी की पूरी देखभाल और लाड-प्यार कर रही हैं. आठ महीने के इलाज के बाद हैनी के चेहरे पर फिर मासूम मुस्कान लौट आई है. हालांकि अब भी हैनी का इलाज चल रहा है. काजल का कहना है कि हैनी अभी सिर्फ दूध पीती है. उसको दूध पिलाकर बड़ा कर रहे हैं. वह बहुत लाडली है और जान से भी ज़्यादा प्यारी है. हमने बिना संतान के रो-रोकर 10 साल बिताए हैं. इसकी जो इच्छा होगी, वो पूरा करेंगे.

Share this Article