Google Analytics —— Meta Pixel

मानसरोवर यात्रा: कंप्यूटर से ड्रॉ में पहली बार तीर्थयात्रा करने वालों को मिली प्राथमिकता

NEWSDESK
3 Min Read

कैलाश मानसरोवर की यात्रा पर जाने की इच्छा रखने वाले तीर्थयात्रियों के चयन के लिए बुधवार को कंप्यूटर के जरिए ड्रॉ निकाला गया. इसमें सॉफ्टवेयर में पहली बार आवेदन करने वालों को प्राथमिकता देने या वरिष्ठ नागरिकों की पसंद के मार्ग को शामिल किया गया है.

विदेश सचिव विजय गोखले ने जवाहर नेहरू भवन में आयोजित हुए इस ड्रॉ की अध्यक्षता की और उन्होंने इस दौरान तीर्थयात्रियों से हिमालय के संवेदनशील पर्यावरण की ‘सुरक्षा और संरक्षण’ की अपील की.

विदेश मंत्रालय हर साल जून से लेकर सितंबर के बीच में इस यात्रा का आयोजन दो मार्गों लिपुलेख दर्रा (उत्तराखंड) और नाथूला दर्रा (सिक्किम) के जरिए करता है. यह यात्रा अपने धार्मिक मूल्यों और सांस्कृतिक महत्व के लिए जानी जाती है. इस यात्रा में हर साल सैंकड़ों लोग हिस्सा लेते हैं.

कैलाश मानसरोवर यात्रा 2019 के लिए मंत्रालय को 2,996 आवेदन मिले जिनमें से 2,256 आवेदनकर्ता पुरुष और 740 महिलाएं हैं. वहीं 640 वरिष्ठ नागरिकों ने भी इस यात्रा के लिए आवेदन किया है.

नाथू ला दर्रा मार्ग में 10 जत्थे होंगे
लिपुलेख दर्रा मार्ग के लिए प्रत्येक जत्थे में 58 यात्री होंगे और कुल 18 जत्थे होंगे. वहीं नाथू ला दर्रा मार्ग में 10 जत्थे होंगे और प्रत्येक जत्थे में 48 यात्री होंगे. प्रत्येक जत्थे में दो अधिकारी सहायता के लिए होंगे.

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि नाथू ला मार्ग, लिपुलेख मार्ग की अपेक्षा कम दुर्गम है. इसलिए वरिष्ठ यात्री नाथूला मार्ग को प्राथमिकी देते हैं. इस यात्रा में करीब 19,500 फुट तक की चढ़ाई करनी होती है.

चयनित यात्रियों को दी गई जानकारी
विदेश मंत्रालय ने एक बयान में बताया कि यात्रियों का चयन लैंगिक पहचान को भी ध्यान में रखते हुए निष्पक्ष तरीके से कंप्यूटर के जरिए किया गया है. चयनित यात्रियों को मोबाइल और ईमेल के जरिए जानकारी दे दी गई है.

मंत्रालय ने बताया कि 2015 से यात्रियों के चयन की पूरी प्रक्रिया आवेदन से लेकर चयन तक कंप्यूटर के जरिए होती है और इसलिए यात्रियों को जानकारी हासिल करने के लिए फैक्स या पत्र भेजने की जरूरत नहीं है.

Share this Article