नई दिल्ली में 30 फीसद कामकाजी पेशेवरों को काम के दौरान मानसिक और भावनात्मक जोखिमों से जूझना पड़ता है और 28 फीसद लोग अवसाद से ग्रसित रहते हैं. इसके बारे में हेल्थ-टेक स्टार्टअप विवांत के एक नए सर्वेक्षण में यह दावा किया गया है. इस अध्ययन में बताया गया है कि हर चार में से एक व्यक्ति को लगता है कि उनकी जीवनशैली और काम का संतुलन ठीक नहीं है और बड़े पदों पर नौकरी करने वाले 27 फीसद लोग तनाव में रहते हैं. हालांकि यह सर्वेक्षण कामकाजी पेशेवरों के मानसिक स्वास्थ्य की स्थिति का आकलन करने और जागरूकता फैलाने के लिए किया गया था. वहीं, विवांत के सीईओ अदृति राहा ने कहा कि “इस सर्वेक्षण में दो लाख से अधिक प्रतिभागियों को शामिल किया गया था. और अध्ययन के दौरान पाया गया कि 48 फीसद प्रतिभागी ऐसे हैं जिनकी जीवन शैली गतिहीन है.”
बड़े पदों पर नौकरी कर रहे 27फीसदी लोगों को होती है टेंशन
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NEWSDESK
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