इधर स्कूल के छात्र-छात्राओं ने भी बखूबी आंतरिक्ष में सैटेलाइट और रॉकेट के बारे में समझा और अपनी जिज्ञासा को जागते हुए एस्ट्रोनॉट बनने की इच्छा भी जाहिर की.
छत्तीसगढ़ की एक संस्था स्कूली बच्चों को आंतरिक्ष ज्ञान अभियान के तहत आज अंबिकापुर के मल्टीपरपज स्कूल पहुंची. जहां स्कूली छात्रों को संस्था द्वारा एस्ट्रोनॉट बनने के तौर तरीकों के बारे में बताया गया. जिससे कि इस क्षेत्र के बच्चे भी अपनी सहभागिता आंतरिक्ष में दिखा सकगें.
दरसअल, इग्नाइटिंग ड्रीम ऑफ यंग माइंडस फाउंडेशन संस्था द्वारा छत्तीसगढ़ में आंतरिक्ष ज्ञान अभियान के तहत स्कूल के बच्चों को अंतरिक्ष के बारे में बताने के साथ ही एस्ट्रोनॉट बनने के लिए किन-किन बातों को ध्यान में रखकर पढ़ाई की जा सकती है. इन सभी बातों को अंबिकापुर के मल्टीपरपज स्कूल के छात्र-छात्राओं को इस बारे में जानकारी दी गई है.
छात्रों में आंतरिक्ष को लेकर बढ़ा जिज्ञासा
मल्टीपरपज स्कूल पहुंची इग्नाइटिंग ड्रीम ऑफ यंग माइंडसफाउंडेशन संस्था द्वारा छत्तीसगढ़ में आंतरिक्ष ज्ञान अभियान के तहत अंबिकापुर के मल्टीपरपज स्कूल में संस्था ने छात्रों को रॉकेट बनाने से लेकर आंतरिक्ष तक पहुंचाने की प्रक्रिया को बताया. इधर स्कूल के छात्र-छात्राओं ने भी बखूबी आंतरिक्ष में सैटेलाइट और रॉकेट के बारे में समझा और अपनी जिज्ञासा को जागते हुए एस्ट्रोनॉट बनने की इच्छा भी जाहिर की.
रायपुर से अभियान की शुरूआत
संस्था के अध्यक्ष रत्नेश मिश्रा ने बताया कि आंतरिक्ष ज्ञान अभियान की शुरुआत रायपुर पिछले महीने शुरू हुई थी, प्रदेश के 9 जिले होते हुए आज अंबिकापुर जिले में पहुंची है. जहां आत्मानंद स्कूल के बाद मल्टीपरपज स्कूल अंबिकापुर में छात्रों को आंतरिक्ष के बारे में बताया गया है.

