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प्लास्टिक का झंडा खरीदना बेचना दोनों दंडनीय अपराध, कागज व कपड़े के तिरंगे पर जोर

NEWSDESK
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स्‍वतंत्रता दिवस पर देशभक्‍ति का इजहार करने के लिए लोग तिरंगा झंडा दुकानों से खरीदते है। झंडा कागज व कपड़े का ही हो।

वाराणसी, जेएनएन। स्‍वतंत्रता दिवस पर देशभक्‍ति का इजहार करने के लिए लोग तिरंगा झंडा दुकानों से खरीदते है। झंडा कागज व कपड़े का ही हो। प्‍लास्टिक के झंडे का प्रयोग नहीं किया जाए। प्लास्टिक का झंडा खरीदना बेचना दोनों दंडनीय अपराध है। इन बातों को समझाने व लोगों को जागरूक करने के लिए मंगलवार को मैदागिन स्थित हरिश चंद्र बालिका इंटर कॉलेज में सामाजिक संस्था सुबह बनारस की ओर से जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कॉलेज की प्रधानाचार्य डॉ प्रियंका तिवारी, के नेतृत्व में मैदागिन स्थित कालेज के परिसर में छात्राओं को प्लास्टिक से बने तिरंगे झंडे का बहिष्कार करने के साथ दूसरे को भी जागरूक करने की शपथ दिलाई।

संस्था के अध्यक्ष मुकेश जायसवाल ने कहा कि अक्सर देखा जाता है,कि स्वतंत्रता दिवस व गणतंत्र दिवस पर प्लास्टिक के बने झंडों को बच्चों को थमा दिया जाता है। जो की अब पूर्णतया रूप से बैन हो चुका है। बाजार में कागज के बने झंडे होने के बावजूद अभी भी कहीं ना कहीं बाजार में प्लास्टिक के झंडे बिक रहे हैं। तो ऐसे में माता पिता के साथ परिजनों को भी ध्यान रखना है, कि वह ऐसे झंडे का बहिष्कार करते हुए बच्चों को सिर्फ कागज के बने झंडे खरीद कर दे। और बच्चों को यह हिदायत भी दे कि वह झंडे का इस्तेमाल करने के बाद उसे संभाल कर रखते हुए कहीं इधर उधर ना फेके बल्कि वह उसे अपने गार्जियन के सुरक्षित हाथों में सौंप दें। तिरंगे झंडे को इधर-उधर फेंक कर तिरंगे झंडे का अपमान न करें, यह अपराध की श्रेणी में आता है।इस मौके पर विजय कपूर, आरके चौधरी, डाँ. रितु गर्ग, नंदकुमार टोपी वाले, अनिल, हरीश अग्रवाल व कालेज की छात्राएं शामिल थी ।

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