Google Analytics —— Meta Pixel

पाकिस्तान से आई महिला ने खोली नागरिकता कानून का विरोध करने वालों की पोल, कह दी ऐसी बात…

NEWSDESK
2 Min Read

नागरिकता संशोधन कानून को लेकर देश के कई हिस्सों में विरोध हो रहा है। लेकिन जिन शरणार्थियों के जीवन पर इसका सीधा असर पड़ेगा उनके लिए इसके मायने अलग हैं। ऐसे में यह जानना भी जरूरी हो जाता है कि पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान में अल्पसंख्यक का दर्जा प्राप्त समुदाय के लोग इस बारे में क्या सोचते हैं? पीएचडी चेंबर ऑफ कॉमर्स द्धारा आयोजित सार्क देशों के पाई टैक्स व्यापार मेले में पाकिस्तान की ओर से हिस्सा लेने पहुंची पाकिस्तानी महिला कारोबारी सपना ओबेरॉय चौधरी ने वतन वापसी से पहले पत्रिका से बात करते हुए बड़ी बेबाकी से कानून को लेकर अपनी राय रखी।

नागरिकता कानून को केंद्र सरकार का सराहनीय कदम बताते हुए उन्होंने कहा कि इसे बहुत पहले लाया जाना चाहिए था। उन्होंने कहा कि कभी भारत का हिस्सा रहे इन मुल्कों के अल्पसंख्यकों को वहां दोयम दर्जे का नागरिक समझा जाता है। यह कानून उनके लिए सम्मानित जीवन जीने का एक मौका है। नागरिकता संशोधन कानून को लेकर भले ही देशभर में तूफान मचा हो मगर पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान के अल्पसंख्यक इसे अपने लिए वरदान मान रहे हैं। उन्होंने कहा की कहा कि इस विधेयक के बाद पाकिस्तान में रह रहे 90 प्रतिशत अल्पसंख्यक भारत आना चाहेंगे। बचे हुए 10 फीसदी लोगों का आना इसलिए संभव नहीं है कि वह वहां पर खेती, उद्योग और कारोबार से जुड़े है।

सपना का कहना है कि बंटवारे के बाद से पाकिस्तान और बांग्लादेश में रहने वाले अल्पसंख्यकों को न तो वहां की सरकारों ने अपना समझा और न लोगों ने। उन्हें आज भी आम नागरिक के नजरिए से नहीं देखा जाता और उन पर जुल्मो-सितम होते रहते हैं। ऐसे में वह पलायन कर भारत आ जाते हैं।

Share this Article