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धीरे-धीरे आपको नपुंसक बना सकती है कोल्ड ड्रिंक की ये चीज, इन 13 बीमारियों का भी खतरा

NEWSDESK
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डाइट सोडा, शुगर-फ्री आइसक्रीम, कम कैलोरी वाले फ्रूट जूस, चुइंगम, दही और कुछ कैंडी में आर्टिफीसियल स्वीटनर होता है जिसका नाम एस्पार्टेम (Aspartame) है। कई रिसर्च और एक्सपर्ट्स मानते हैं कि यह तत्व कई समस्याओं सहित कैंसर, सिरदर्द, डिप्रेशन, सिर चकराना, वजन बढ़ना, जन्म दोष, अल्जाइमर रोग और मल्टीपल स्केलेरोसिस जैसी खतरनाक समस्याओं का कारण बन सकता है।

1) नपुंसकता का खतरा 
रोजाना कोल्ड ड्रिंक पीने से आपकी सेक्स लाइफ बुरी तरह प्रभावित हो सकती है। एक्सपर्ट्स मानते हैं कि ये तत्व सीधे रूप से आपके सेरोटोनिन लेवल को प्रभावित करता है। सेरोटोनिन एक ऐसा हार्मोन है जो आपके मूड को फ्रेश करता है और आपकी कामोत्तेजना बढ़ाता है। कई अधययन इस बात की पुष्टि करते हैं कि सेरोटोनिन का लेवल कम होने से पुरुष और महिलाओं दोनों में कामेच्छा कम हो सकती है।

इस तत्व को पुरुषों में नपुंसकता के लिए जिम्मेदार माना जाता है। दरअसल तत्व पुरुषों के हारमोंस को कुछ इस प्रकार से प्रभावित करता है, जिससे पुरुषों में टेस्टिकल्स से संबंधित परेशानियां बढ़ने लगती हैं। सॉफ्ट ड्रिंक्स के अधिक सेवन से नपुंसकता का खतरा बढ़ जाता है।

2) डायबिटीज और मोटापे का खतरा
सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के अनुसार, यह तत्व डायबिटीज और मोटापे से जुड़ा है। हालांकि कुछ अध्ययन आर्टिफीसियल स्वीटनर को डायबिटीज के मरीजों के लिए बेहतर मानते हैं लेकिन इस बारे में आपको डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।

अमेरिकन कैंसर सोसाइटी के अनुसार, एस्पार्टेम चीनी की तुलना में लगभग 200 गुना अधिक मीठा होता है। तो भोजन और पेय पदार्थों को एक मीठा स्वाद देने के लिए केवल बहुत कम राशि की आवश्यकता होती है।

हालांकि, जो लोग फिनाइलकेटोनूरिया (पीकेयू) नामक एक बीमारी से पीड़ित हैं, उन्हें एस्पार्टेम का उपयोग नहीं करना चाहिए। इसके अलावा जो लोग सिज़ोफ्रेनिया के लिए दवाएं ले रहे हैं, उन्हें भी एस्पार्टेम से बचना चाहिए।

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