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देश में मांस और अंडे का उत्पादन लगातार बढ रहा, ऊन का घटा

NEWSDESK
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देश में कड़ाके की ठंड से राहत दिलाने में मददगार ऊन का उत्पादन वर्ष 2014..15 के बाद से लगातार घट रहा है जबकि शरीर को पोषक तत्व उपलब्ध कराने में कारगर मांस और अंडे का उत्पादन लगातार बढ रहा है. पहले की तुलना में देश में भेड़ और बकरियों की संख्या में भी कमी आयी है. ऐसा मांस के लिए अधिक संख्या में इनका इस्तेमाल किये जाने के कारण हुआ है. इसका भविष्य में मांस की मांग पर असर हो सकता है. वर्ष 2014..15 के दौरान देश में ऊन का उत्पादन चार करोड़ 81 लाख किलोग्राम था जो 2017..18 में घटकर चार करोड़ 15 लाख किलोग्राम रह गया.

वर्ष 2015..16 के दौरान इसका उत्पादन चार करोड 36 लाख कलोग्राम हो गया और 2016..17 के दौरान चार करोड़ 35 लाख किलोग्राम रह गया. वर्ष 2012..13 के दौरान इसका उत्पादन चार करोड़ 61 लाख किलोग्राम , 2011..12 के दौरान चार करोड़ 47 लाख किलोग्राम तथा 2010..11 के दौरान चार करोड़ 30 लाख किलोग्राम था. आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार पिछले एक दशक के दौरान मांस के उत्पादन ने अच्छी विकास दर हासिल की है. वर्ष 2006..07 के दौरान मांस का उत्पादन 23 लाख टन था जो 2017..18 में बढकर 77 लाख टन हो गया. वर्ष 2014..15 के दौरान मांस का उत्पादन 67 लाख टन था जो अगले वर्ष बढकर 70 लाख टन हो गया.

वर्ष 2016..17 के दौरान इसका उत्पादन 74 लाख टन रहा. वर्ष 2010..11 के दौरान मांस का उत्पादन 49 लाख टन था जो 2011..12 में बढकर 55 लाख टन हो गया. इसके अगले वर्ष इसका उत्पादन 59 लाख टन रहा और 2013..14 के दौरान मांस का उत्पादन 62 लाख टन पर पहुंच गया था. देश में मुख्य रुप से निजी क्षेत्र में चलने वाले कुक्कुट उद्योग ने पिछले एक दशक के दौरान जबरदस्त प्रगति की है. वर्ष 2014 ..15 के दौरान अंडो का उत्पादन 78.5 अरब था और इस दौरान 63 अंडे प्रति व्यक्ति उपलब्ध थे. वर्ष 2017..18 के दौरान 95.2 अरब अंडों का उत्पादन हुआ और इस दौरान प्रति व्यक्ति 74 अंडे उपलब्ध थे. वर्ष 2015..16 के दौरान अंडों का उत्पादन 82.9 अरब रहा और इस दौरान सालाना 66 अंडे प्रति व्यक्ति उपलब्ध थे.

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