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दिल्ली में बाढ़ के आसार,CM केजरीवाल ने बुलाई आपात बैठक, यमुना खतरे के निशान से ऊपर…

NEWSDESK
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नदी के जलभराव क्षेत्र को खाली करने का सरकार ने दिया आदेश, बचाव दल को किया गया सक्रिय, शाम तक जलस्तर 207 मीटर तक पहुंचने की संभावना, पुरानी दिल्ली रेलवे ब्रिज को भी खतरा.

हथनी कुंड बैराज से 8.50 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद सोमवार सुबह यमुना (YAMUNA) खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गई. इसको देखते हुए दिल्ली सरकार ने यमुना के जलभराव क्षेत्र को खाली करने के आदेश दे दिए हैं. बताया जा रहा है कि यह पहला मामला है जब हथनीकुंड बैराज से इतनी मात्रा में एक साथ पानी छोड़ा गया हो. मामले पर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (ARVIND KEJRIWAL) ने भी दोपहर 1 बजे आपात बैठक (EMERGENCY MEETING) बुला ली है. बैठक में आने वाली स्थिति से निपटने के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाएंगे. वहीं पुराने लोहा पुल को आवागमन के लिए बंद कर दिया गया है. जलस्तर को देखते हुए प्रशासन को हाईअलर्ट (HIGH ALERT) पर रखा गया है. वहीं दिल्ली पुलिस और नागरिक रक्षा स्वयंसेवकों की मदद से सोमवार सुबह नौ बजे तक निचले इलाके में रहने वाले लोगों को बाहर निकालने का निर्देश दिया गया है. वहीं दिल्ली सरकार ने शहर में बाढ़ की चेतावनी भी जारी की है.

हथनी कुंड से अब तक छोड़ा गया पानी

  • 6 सितंबर 1978 को 7 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया था. इस दौरान यमुना का जलस्तर 207.49 मीटर पंहुच गया था.
  • 22 सितंबर 2010 में 7 लाख 44 हज़ार। तब जलस्तर 207.11 मीटर पंहुचा था.
  • जून 2013 में 8 लाख 6 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया था, जिसके बाद जलस्तर 207.32 मीटर पंहुचा था.

यमुना नदी का जलस्तर दिल्ली में सोमवार सुबह 205.33 मीटर दर्ज किया गया. जबकि खतरे का निशान 204.50 मीटर पर है. हथनी कुंड बैराज से 8 लाख क्यूसैक पानी छोड़े जाने के बाद यह जलस्तर तेजी से बढ़ा है और बताया जा रहा है कि अभी यह और बढ़ सकता है, जिसके चलते निचले इलाकों में जलभराव की समस्या हो सकती है.

जानकारी के अनुसार हरियाणा के हथिनीकुंड बैराज से रविवार शाम को करीब 8.50 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है. अब तक के इतिहास पर नजर डाली जाए तो यह पानी की सबसे ज्‍यादा मात्रा है जा एक साथ छोड़ी गई है. आधिकारिक सूत्रों के अनुसार यमुना का जलस्तर सोमवार शाम तक ही 207 मीटर तक पहुंच सकता है.

तो डूब जाएगा पुरानी दिल्ली का रेलवे ब्रिज

पुरानी दिल्ली का रेलवे ब्रिज अब खतरे में आ गया है. इस ब्रिज के लिए खतरे का निशान 205.33 मीटर है, यदि यमुना का जलस्तर 207 मीटर पहुंचता है तो इस रेलवे ब्रिज से ट्रेनों का आवागमन प्रभावित होगा. साथ ही यमुना से सटे इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है.

प्रशासन अलर्ट पर
यमुना नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए दिल्ली सरकार ने प्रशासन को भी हाई अलर्ट पर रखा है. वहीं रेस्‍क्यू टीम को भी अलर्ट पर रखा गया है और निचले इलाकों को खाली करवाया जा रहा है. इसको लेकर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी प्रशासनिक अधिकारियों की आपात बैठक बुलाई है. बताया जा रहा है कि हथनी कुंड में लगातार हो रही पानी की आवक को देखते हुए अभी और पानी वहां से छोड़ा जा सकता है, जिसके चलते नदी का जलस्तर और बढ़ेगा जिससे मुश्किलें बढ़ने की आशंका है.

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