हार्दिक की इस उपलब्धि के पीछे उनकी दो साल की मेहनत और तैयारी है, जो उनके पिता, यीशु शर्मा, के मार्गदर्शन में हुई. हर दिन सुबह 5 बजे, हार्दिक और उनके पिता 7-8 किलोमीटर की दौड़ और अन्य शारीरिक गतिविधियों का अभ्यास करते हैं.
जांजगीर चांपा: सक्ती जिले के डभरा के 7 वर्षीय बालक हार्दिक शर्मा ने नेशनल गेम्स में एक शानदार प्रदर्शन किया है. हार्दिक ने 5 किलोमीटर के दौड़ में प्रतिद्वंदियों को प्रथम स्थान पर प्राप्त किया है. हार्दिक के माता-पिता ने इस उपलब्धि के साथ ही बताया कि वह एथलीट में देश के लिए बहुत महत्वपूर्ण है और वह ओलंपिक में भाग लेने की इच्छा है.
डभरा के 7 वर्षीय हार्दिक शर्मा ने दिल्ली में आयोजित नेशनल गेम्स प्रतियोगिता में 05 किलोमीटर के दौड़ प्रतियोगिता में पहला स्थान प्राप्त किया है. यह काबिल-ए-तारीफ है कि इस छोटे उम्र में नेशनल चैंपियनशिप जीतना एक बड़ी उपलब्धि है. हार्दिक के पिता यीशु शर्मा ने बताया कि इस प्रतियोगिता में 7 से 9 वर्ष के धावक भाग लिए थे, लेकिन हार्दिक ने अपने उम्र से बड़े बच्चों को हराकर 05 किलोमीटर के दौड़ को 25 मिनट 10 सेकंड में पूरा किया, एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है. हार्दिक की इस उपलब्धि में उनकी मेहनत और संघर्ष का बड़ा हाथ है, और यह देश के लिए गर्व की बात है.
हार्दिक ने कई छोटी बड़ी प्रतियोगिता जीती
हार्दिक की इस उपलब्धि के पीछे उनकी दो साल की मेहनत और तैयारी है, जो उनके पिता, यीशु शर्मा, के मार्गदर्शन में हुई. हर दिन सुबह 5 बजे, हार्दिक और उनके पिता 7-8 किलोमीटर की दौड़ और अन्य शारीरिक गतिविधियों का अभ्यास करते हैं. हर दिन, वे सुबह 2 घंटे और शाम को 2 घंटे एक्सरसाइज करते हैं और इसके साथ ही बड़े बच्चों के साथ प्रैक्टिस करते हैं. इसके परिणामस्वरूप, हार्दिक अब अपने समर्थनकर्ताओं से हमरी उम्र के बच्चों से आगे हैं. हार्दिक ने स्थानीय स्तर पर कई छोटे और बड़े प्रतियोगिताओं में विजेत भी रह चुके हैं
हार्दिक की मां ने बनाया विशेष डाइट प्लान
माता पूजा शर्मा द्वारा भी हार्दिक के लिए विशेष डाइट प्लान तैयार किया गया है, ताकि उसे फास्ट फूड, बाहरी खानों, ऑयली खानों और मिठाई से परहेज करके हेल्दी खाना दिया जा सके. इसके लिए पूरा परिवार सुबह से रात तक जिम्मेदारी निभाता है. हार्दिक शर्मा के माता-पिता का कहना है कि उनका बच्चा खेल क्षेत्र में अपना भविष्य बनाएं और देश के लिए ओलंपिक और अन्य खेलों में भाग ले सकें, और देश का नाम रोशन करें.

