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जानिए ताजमहल के 6 ऐसे रहस्य, जो आप कभी नही जान पाये

NEWSDESK
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 ताजमहल को प्यार की निशानी माना जाता है। क्योंकि मुगल बादशाह शाहजाह ने अपनी बेगम मुमताज की याद में इसका निर्माण करवाया था। जिसने आने वाली कई पीढ़ियों को मोहब्बत करना सिखाया है। कहा जाता है कि मुमताज़ महल ने मरते वक्त मकबरा बनाए जाने की ख्वाहिश जताई थी जसके बाद शाहजहां ने ताजमहन बनावाया। ताजमहल को सफेद संगमरमर से बनवाया गया है। इसके चार कोनों में चार मीनारे हैं। 1630 में शुरू हुआ ताजमहल के बनने के काम करीब 22 साल तक चला। इसे बनाने में करीब 20 हजार मजदूरों ने योगदान दिया। आज हम आपको ताजमहल के ऐसे रहस्यों के बारे में बताने जा रहे है जिनके बारे में जानकर आपके हैरानी होगी।

सबसे पहले हम बात कर रहे है कि कहते है कि जिन मजदूरों ने ताजमहल का निर्माण किया था तो शाहजाह ने उनके हाथ कटवा दिए थे। लेकिन ऐसा कभी भी नहीं हुआ सिर्फ ये अफवाह थी।

दूसरा रहस्य है कि ताजमहल के गुंबद मे एक छेद है जिससे पानी की बूंदे टपकती रहती है।

तीसरा रहस्य है कि यदि ताजमहल की मीनारों पर गौर किया जाये, तो आप देंखेंगे की चारों मीनारें सीधी खड़ी न होकर एक दूसरे की ओर झुकी हुई हैं।

इमारतों का ये झुका हुआ निर्माण बिजली और भूकंप के दौरान मुख्य गुंबद पर न गिरने के लिए किया गया था। कुतुब मीनार की इमारत को हम सबसे ऊंची इमारत कहते हैं, ताजमहल उससे भी ऊंचा है। कुतुबमीनार को देश की सबसे ऊंची इमारत के तौर पर नापा जाता है, लेकिन इसकी ऊंचाई ताजमहल के सामने छोटी पड़ जाती है।

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