आदमी ने कोई काम करने का सोचा तो राह कहीं न कहीं से मिल जाता है। बस्तर जिले के विकासखंड बस्तर के ग्राम पंचायत छोटे आमाबाल की श्रीमती रैमती बघेल ने फर्नीचर व्यापार में स्वरोजगार कर अपने आय का जरिया बनाई है। रैमती पांचवी तक पढाई की है, महिला स्व सहायता समुह में जुड़ने के बाद समुह से ऋण लेकर छोटा सा किराना का दुकान खोली थी, रैमती के पति भी बेरोजगार थे। पहले दोनों मनरेगा कार्य करते थे लेकिन रैमती दुकान को बड़ा करना चाहती थी। उन्होंने अपने पति के साथ फर्नीचर दुकान खोलने पर विचार किए और उन्होने समूह के माध्यम से 50 हजार तक सहायता राशि प्राप्त किए और दुकान में सामान बढ़ाया। इसके बाद उन्होंने 2022 में एनआरईटीपी से आर्थिक रूप से 45 हजार का सहायता राशि मिला और एनआरईटीपी से प्रशिक्षण भी मिला। पति कम पढ़े होने के कारण छोटा सा किराना दुकान को बड़ा करके अब किराना के साथ फर्नीचर का भी दुकान चलाते हैं अब उनके व्यापार में बदलाव आया है और रैमती का जीवन-यापन अच्छा चल रहा है अब वे लगभग 15 से 20 हजार तक कमा रही है।
जगदलपुर : फर्नीचर व्यापार को बनाया आय का जरिया रैमती बघेल ने मासिक 15 हजार तक अर्जित कर रही आय
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NEWSDESK

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