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छत्तीसगढ़ /1246 सरकारी स्कूलों में बनेंगी हाईटेक लैब, पूरा सिलेबस ऑनलाइन मिलेगा

NEWSDESK
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छत्तीसगढ़ में नवमीं से बारहवीं क्लास तक के बच्चों की किताबें अब कम्प्यूटर में भी उपलब्ध होंगी। केन्द्र सरकार की आईसीटी यानी सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी योजना के तहत राज्य के 1246 स्कूलों में कम्प्यूटर लैब स्थापित किए जा रहे हैं। इसके माध्यम से बच्चे कक्षा में पढ़ाई करने के बाद वही किताबें या उससे संबंधित विषयों की जानकारी लैब में जाकर ले सकेंगे।

ब्लैक बोर्ड से की-बोर्ड नाम से एक साथ इतने स्कूलों में आईसीटी प्रोजेक्ट लांच करने वाला छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य होगा। इससे राज्य के लगभग दस लाख बच्चों को लाभ होगा। इस योजना के तहत राज्य के सभी 4330 हाई आैर हायर सेकेंडरी स्कूलों में हाईटेक क्लासेस भी बनाई जाएंगी।


इस योजना का संचालन बेनेट कोलमन संस्था द्वारा किया जाएगा। पांच साल के लिए चलाई जाने वाली इस योजना में कुल 345 करोड़ रुपए खर्च होंगे। जिन स्कूलों में लैब आैर हाईटेक क्लासेस स्थापित की जाएंगी, कंपनी द्वारा उन स्कूलों का सर्वे किया जा चुका है। समग्र शिक्षा के अफसरों के मुताबिक सितंबर तक राज्य के 30 फीसदी स्कूलों में यह शुरू कर दी जाएगी। इसी तरह दिसंबर तक राज्य के सभी स्कूलों में इसकी शुरुआत की जाएगी। संस्था के कोऑर्डिनेटर आैर प्रशिक्षकों द्वारा संबंधित स्कूलों के पांच शिक्षकों को भी प्रशिक्षित किया जाएगा। जब ये शिक्षक प्रशिक्षित हो जाएंगे उसके बाद यह पूरी योजना ही स्कूल आैर वहां के शिक्षकों के जिम्मे कर दी जाएगी। 


बच्चे का स्तर पता चलेगा : इसमें कंप्यूटर के माध्यम से बच्चे अपने विषयों की पढ़ाई करेंगे। इसमें हर कक्षा के हिसाब से प्रश्न बैंक तैयार हैं। यदि बच्चा सवालों के जवाब देता चला गया तो हर बार कंप्यूटर का अगला पन्ना खुल जाएगा। लेकिन यदि काेई बच्चा स्क्रीन पर लिखे सवाल का जवाब नहीं दे पाया तो उससे दूसरा सवाल पूछा जाएगा। इस तरह इससे बच्चे के स्टैंडर्ड का भी पता चलेगा। 


स्कूलों की कमियां जल्द दूर करेंगे : संस्था द्वारा स्कूलों के सर्वे किए जा चुके हैं। कुछ स्कूलों में छोटी-छोटी कमियां हैं जिसे जल्द दूर कर लिया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि सरकार संस्था को स्कूलों में सिर्फ स्थान देगी उसे लैब की तरह विकसित करना आैर प्रशिक्षकों की नियुक्ति तथा उसके मेंटेनेंस आैर मॉनिटरिंग का जिम्मा संस्था का ही होगा। 


इन जिलों के इतने स्कूल  : बालोद-173, बलौदाबाजार- 130, बलरामपुर-124, बस्तर-159, बेमेतरा-154, बीजापुर-48, बिलासपुर-280, दंतेवाड़ा- 55, धमतरी-155, दुर्ग-163, गरियाबंद-139, जांजगीर-286, जशपुर-143, कांकेर-221, कवर्धा-141, कोंडागांव-146, कोरबा-177, कोरिया-131, महासमुंद-161, मुंगेली-116, नारायणपुर-29, रायगढ़-254, रायपुर-199, राजनांदगांव-298, सुकमा-43, सूरजपुर-150 आैर सरगुजा में 155 स्कूल शामिल हैं। 

सर्वे हो चुका सितंबर से होगी पढ़ाई : आईसीटी योजना के तहत बच्चों को अब किताबों की पढ़ाई कंप्यूटर के माध्यम से करवाई जाएगी। यह योजना छत्तीसगढ़ के लिए मील का पत्थर साबित होगी। 
पी दयानंद, प्रबंध संचालक, समग्र शिक्षा विभाग 

राज्य के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के लिए यह काफी फायदेमंद साबित होगी। इससे राज्य के दूरस्थ अंचलों में पढ़ने वाले बच्चों का न सिर्फ ज्ञान बढ़ेगा बल्कि वे आसानी से तकनीक का भी उपयोग कर सकेंगे।

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