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छत्तीसगढ़ की धान खरीदी में हो रही है लगातार वसूली, जल्द नहीं रोका गया तो छत्तीसगढ़ किसान सभा करेगी आंदोलन…

NEWSDESK
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अखिल भारतीय किसान सभा के संयुक्त सचिव बादल सरोज ने पत्रकार वार्ता के दौरान बताया कि छत्तीसगढ़ किसान सभा विशेष जिसमें किसानों की आप बीती बातों को रखते हुए कहा गया कि वर्तमान में जिस प्रकार अर्थव्यवस्था में लगातार गिरावट हो रही है जिनसे जुड़े सारे संकेतकों ने समूचे देश को चिंता में डाल दिया है। जिस प्रकार मैन्युफैक्चरिंग की विकास दर ऋणात्मक हो जाना, नागरिकों की मासिक खपत करीब 100 रुपये की कमी आ जाना,बेरोजगारी का संख्या तेजी से बढ़ जाना यह सभी मुख्य उदाहरण है।
साथ ही मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि मोदी सरकार द्वारा देशी और विदेशी कॉरपोरेट हितैषी नीतियों को अपनाने का ही नतीजा बताया।
देश में किसान की हालतों को देखते हुए कहा करीब 18 करोड़ परिवारों में से75 प्रतिशत किसानों की आय केवल 5000 रुपये मासिक या उससे भी कम है। विदेशी कॉरपोरेट कम्पनियों की कीमत तय करने की छूट देकर और फसल खरीदी के सारे तंत्र को ध्वस्त करके पूरे देश को अलाभकारी बना दिया है।
साथ ही जिस प्रकार देश मे विदेशी नीतियों भारत मे अपनायी जा रही है जिसको देखते हुए भारत की सभ्यता को बचाने हेतु इन विनाशकारी नीतियों को बदलने की बात कही जिसके जगह जनहितैषी और देश हितैषी नीतियों को लाया जाने की मांग की है।
इन सभी मुद्दों को रखते हुए 8 जनवरी 2020 को गांव हड़ताल करने का भी आवाहन किया गया है।यह हड़ताल देश के सभी श्रमिकों की देशव्यापी हड़ताल की संगति बताया।
यह भी कहा गया कि छत्तीसगढ़ की धान मंडियों में किसानों से समितियों द्वारा लूट की जाती है, जिससे 40 किलो की बोरी में 5-5 किलो अतिरिक्त धान को वसूली करने को बताया। इस मुद्दे पर छत्तीसगढ़ किसान सभा द्वारा आंदोलन छेड़ेगी। साथ ही कहा गया कि न्यूनतम समर्थन मूल्य पर छत्तीसगढ़ द्वारा उपार्जित चावल को केंद्र सरकार द्वारा न खरीदने की बातों को अत्यंत निंदनीय बताया।

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