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छत्तीसगढ़ में उन्हीं भवनों को अब बिजली कनेक्शन, जहां होगी रेन वाटर हार्वेस्टिंग…

NEWSDESK
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सख्त रुख अपनाते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने रेडियो वार्ता लोकवाणी में गिरते जलस्तर पर जताई चिंता बोले-लंबे अरसे से सही सोच और सही योजना के बिना निर्माण कार्य कराए गए।

 छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने रेडियो वार्ता लोकवाणी की चौथी कड़ी में प्रदेश में गिरते भूजल स्तर पर चिंता जताई। उन्होंने रेडियो वार्ता के माध्यम से यह नियम लागू होने की जानकारी दी कि राज्य में अब उन्हीं नए भवनों को बिजली का कनेक्शन मिलेगा, जहां रेन वाटर हार्वेस्टिंग की यूनिट लगी होगी। सरकार ने सभी तरह के आवासीय, वाणिज्यिक और औद्योगिक परिसरों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग को अनिवार्य कर दिया है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सरकार ने सैकड़ों एजेंसियों और स्व-सहायता समूहों को आगे किया है, जो एक माह के भीतर सभी जगहों पर रेन वाटर हार्वेस्टिंग की व्यवस्था करेंगे।

मुख्यमंत्री ने लोकवाणी में ‘नगरीय निकास का नया दौर’ विषय पर प्रदेशवासियों को संबोधित करते हुए पानी पर ज्यादा फोकस किया। उन्होंने कहा कि तालाब,नदी, नाले और जलप्रपातों का प्रदेश कहे जाने वाले छत्तीसगढ़ में लंबे अरसे से सही सोच और सही योजना के बिना निर्माण कराए गए हैं। गिरते भूजल स्तर का सबसे बड़ा कारण सीमेंट और कंक्रीट के जंगल की तरह शहरों का विकास किया जाना है। मौजूदा सरकार ने रेन वाटर हार्वेस्टिंग के लिए छह प्रकार की कर दर निर्धारित की है। अब नरवा, गरूवा, घुरवा, बाड़ी योजना से शहर को भी जोड़ा जा रहा है।

रायपुर में 212 करोड़ रुपये की जल आवर्धन योजना पर काम हो रहा है। बघेल ने मिनीमाता अमृतधारा जल, राजीव गांधी सर्वजल, मुख्यमंत्री चलित संयंत्र पेयजल, समूह पेयजल, सुपेबेड़ा जल योजना और सीवरेज मास्टर प्लांट के बारे में बताया। सीएम बोले- बरसों से लंबित खारून सफाई योजना को मंजूरी दी है। बस्तर की जीवनदायिनी इंद्रावती नदी के संरक्षण के लिए प्राधिकरण का गठन किया गया। बिलासपुर में अरपा नदी की सफाई का बड़ा अभियान जनभागीदारी के साथ चलाया गया है।

थर्ड जेंडर को उद्योग लगाने को सरकार देगी 40 फीसद सब्सिडी

छत्तीसगढ़ सरकार राज्य में तृतीय लिंग (थर्ड जेंडर) को उद्योग लगाने के लिए 40 फीसद सब्सिडी देगी। राज्य में इसी महीने लागू हुई नई उद्योग नीति में इसका प्रावधान किया गया है। सरकार के इस फैसले से थर्ड जेंडर के लोगों को अपने नए स्टार्टअप के लिए वित्तीय सहायता मिल सकेगी। नए स्टार्टअप के लिए पट्टे पर जमीन भी प्रदान की जाएगी। अन्य तकनीकी मदद भी राज्य सरकार उपलब्ध कराएगी।

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