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छत्तीसगढ़ : पारिवारिक विवाद में पत्नी की हत्या, आजीवन कारावास

NEWSDESK
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द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश ने पारिवारिक विवाद पर पत्नी की हत्या करने के आरोपित पति को आजीवन कारावास व अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड नहीं देने पर आरोपित को छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

सरकंडा थाना क्षेत्र के चिंगराजपारा निवासी आरोपित राजबीर रजक पिता दरशराम रजक(26) का 2010 में सकरी के अटल आवास में रहने वाली नंदनी रजक के साथ विवाह हुआ था। कुछ ही दिनों में पति-पत्नी के बीच विवाद होने लगा। इस पर पत्नी नंदनी अपने मायके में रहने लगी। उसने पति के खिलाफ महिला थाने में शिकायत की थी। दोनों के माध्यम मामला परिवार परामर्श केन्द्र में चल रहा था। पति 23 अप्रैल 2018 की शाम 6.30 बजे सकरी आया। उसने महिला थाने में शिकायत करने की बात को लेकर पत्नी से गाली गलौज करते हुए स्टील के बर्तन से सिर पर प्रहार कर दिया। आसपास रहने वालों ने घायल को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। उपचार के दौरान उसकी 25 अप्रैल 2018 को मौत हो गई। मृतक के भाई शिवा रजक की रिपोर्ट पर सकरी पुलिस ने अपराध पंजीबद्घ कर आरोपित को जेल दाखिल किया। द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश योगिता विनय वासनिक की अदालत में सुनवाई हुई। न्यायालय ने अपराध सिद्घ होने पर आरोपित राजबीर रजक को धारा 302 में आजीवन कारावास व 100 रुपये अर्थदंड और धारा 294 में छह माह कैद व 100 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड नहीं देने पर आरोपित को छह माह अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।

मासूम बेटी की गवाही पर हुई सजा

सुनवाई के दौरान हत्या का कोई ठोस कारण नहीं होने की बात कही गई। इस पर न्यायालय में चश्मदीद गवाह मृतका के आठ वर्ष की पुत्री नंदिता ने बताया कि उसके पिता ने ही गाली गलौज कर बर्तन से मां के सिर में वार किया था। उसकी गवाही को पुख्ता साक्ष्य मानते हुए न्यायालय ने आरोपित को सजा सुनाई है।

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