Google Analytics —— Meta Pixel

छत्तीसगढ़ : नाबालिग से दुष्कर्म, आरोपी को 10 साल की सजा

NEWSDESK
3 Min Read

नगरनार थाना क्षेत्र अंतर्गत एनएमडीसी प्लांट में काम करने वाले एक ठेका कर्मचारी अजीत मंडल को कोर्ट ने नाबालिग को अगवा करने व उससे ब्याह का प्रलोभन देकर दुष्कर्म करने के मामले में विभिन्न धाराओं के तहत 10 साल की सजा व अर्थदंड से दंडित किया है। अभियोजन कथा के अनुसार आरोपी अजीत मंडल (22)निवासी जिला नवंग असम बीते दो साल से एनएमडीसी के पेटी ठेका कंपनी में काम करता था। इस दौरान इलाके के एक गांव में रहने वाली 17 वर्षीय किशोरी से परिचय हुआ। आरोपी शादी का झांसा देकर 22 अक्टूबर 2018 दोपहर को इंदिरा आवास नगरनार स्थित एक मकान में ले जाकर उससे संबंध बनाया। इसके बाद वह उससे कई बार संबंध बनाता रहा। उसी माह उसने किशोरी को मोबाइल पर कॉल कर जगदलपुर नया बस स्टैंड बुलवाया। यहां से उसे सुकमा ले गया। सुकमा से विजयवाड़ा फिर वहां से बैंगलोर ले गया। वहां पर कई दिनों तक परिचित के यहां उससे अनाचार करता रहा।

इधर परिजनों की शिकायत पर नगरनार पुलिस ने आरोपी के विरूद्ध अपराध पंजीबद्ध कर उसकी पतासाजी शुरू की। पुलिस टीम ने आरोपी का मोबाइल ट्रेस कर बैंगलोर से किशोरी समेत उसे बरामद किया। आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में चालान पेश किया गया। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश एफटीसी अभिषेक शर्मा ने बुधवार को मामले की सुनवाई करते हुए सभी पक्षों की दलील सुुनने व प्रमाणों के आधार पर आरोपी को नाबालिग किशोरी से अनाचार व उसे अपह्त करने का दोषी करार दिया।

कोर्ट ने अभियुक्त को आईपीसी की धारा 363 के तहत पांच वर्ष सश्रम कारावास व 10 हजार जुर्माना, 366 में पांच वर्ष कारावास व 10 हजार जुर्माना, धारा 376 व पाक्सो एक्ट में 10 वर्ष सश्रम कारावास व 30 हजार रूपये अर्थदंड से दंडित करने का निर्णय दिया। जुर्माना राशि न चुकाने पर अभियुक्त को अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। साथ ही न्यायिक अभिरक्षा में व्यतीत अवधि समायोजित करने के निर्देश दिए गए। आरोपी को सुनाए गए अर्थदंड की राशि में से 40 हजार रूपये पीडिता को क्षति प्रतिपूर्ति के रूप में दिए जाने का आदेश भी न्यायालय ने दिया। मामले में शासन की ओर से अधिवक्ता श्रीमती रेखा यादव ने पैरवी की। एफटीसी कोर्ट के द्वारा महिला अपराध संबंधी मामलों में काफी तेजी से सुनवाई कर फैसले किए जा रहे हैं।

Share this Article