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छत्तीसगढ़ : दालों के दाम ने बिगाड़ा रसोई का स्वाद, 100 रुपए प्रति किलो के रेट से अधिक पर हैं बिक रही

NEWSDESK
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उपभोक्ताओं की थाली के साथ होटलों से एक बार फिर दाल और पतली होने के आसार बन गए हैं। पिछले दिनों हुई बारिश का असर महाराष्ट्र से आने वाली दलहन फसलों पर पड़ा है। पखवाड़े भर में ही दालों की कीमतों में बेतहाशा तेजी आ गई है। कारोबारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में इसकी कीमतों में और तेजी के संकेत बने हुए हैं।

विशेषकर उड़द, मूंग दालों की कीमतों में तो 15 रुपये किलो तक की तेजी आ गई है। तीन साल पहले भी इसी तरह दालों की कीमतों में त्योहारी सीजन में अचानक तेजी आ गई थी और सरकार द्वारा सख्ती बरतने के बाद ही दालों के दाम गिरे थे।

पखवाड़े भर पहले 80 से 90 रुपये किलो में बिकने वाली उड़द दाल अब 95 से 110 रुपये किलो बिक रही है। इसी प्रकार मूंग दालों की कीमतें भी 100 रुपये पार हो गई है। उड़द और मूंग की कीमतों में आई तेजी का असर चना दाल सहित अन्य दलहन पर भी पड़ रहा है।

चना दाल की कीमतों में भी बेतहाश तेजी आ गई है। कारोबारी सूत्रों का कहना है कि फसल खराब होने के कारण इन दिनों दालों की शॉर्टेज पैदा होने लगी है। जबकि इनकी डिमांड में तेजी आ गई है। इसका असर ही कीमतों में पड़ने लगा है। कारोबारी किशोर रेलवानी का कहना है कि ऊपरी मार्केट से ही खरीदारी ज्यादा कीमत में हो रही है। इसके कारण कीमतों में तेजी आने लगी है।

रोजाना हो रही कीमतों में बढ़ोतरी-

दालों की कीमतें रोजाना बढ़ रहे हैं। जो कारोबारी सोमवार चार नवंबर को 100 रुपये किलो में माल बेच रहे थे, बताया जा रहा है कि ऊपरी मार्केट में उनकी अगली खरीदारी 110 रुपये किलो थोक में हो रही थी। इसे देखते हुए कीमतों में और बढ़ोतरी के ही संकेत हैं।

अभी और रुलाएगा प्याज

चिल्हर में इन दिनों 60 रुपये (किलो) पार हो चुका प्याज आने वाले दिनों में और रुलाने की संभावना है। कारोबारी सूत्रों का कहना है कि बारिश की वजह से प्याज की नई फसल भी पूरी तरह से खराब हो गई है और कमजोर क्वालिटी वाली प्याज ही आ रहा है। लेकिन इस प्याज की आवक भी आने वाले पखवाड़े भर में घट जाएगा और उसके बाद प्याज की कीमतों में और बढ़ोतरी होगी।

सोमवार को शास्त्री बाजार, आमापारा सहित अन्य बाजारों में पुराना प्याज 65 से 70 रुपये किलो बिक रहा था। नए प्याज की कीमत थोड़ी कम है लेकिन इसकी क्वालिटी कमजोर है। सूत्रों के अनुसार प्याज की जमाखोरी भी ऊपरी मार्केट में जबरदस्त तरीके से की जा रही है। बताया जा रहा है कि प्याज की अघोषित रूप से शॉर्टेज भी शुरू हो गई है। इसका असर ही कीमतों में देखने को मिल रहा है।

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