बहुत से लोगों ने जब चंद्रयान को रॉकेट पर उतरता देखा तो उन्हें ये नजर आया कि उसके नीचे लगे थ्रस्टर्स आग की पीली और लाल लपटें निकाल रहे थे. वास्तव में हम लोगों ने जो साफ्टलैंडिंग देखी, वो एनीमेटेड थी.
हम लोगों ने जब टीवी पर चंद्रयान को चांद पर उतरते हुए देखा तो ये नजर आया विक्रम लैंडर जब नीचे उतर रहा था तो उसके थ्रस्टर्स से चारों कोनों से आग निकल रही थी. वास्तव में ऐसा था नहीं. क्योंकि चांद पर ऐसा हो ही नहीं सकता. इसकी क्या वजह है ये हम आगे बताएंगे. दरअसल चांद के उतरते समय हम लोगों ने जो पिक्चर्स देखीं, उसमें चांद के क्रेटर्स तो असली थे लेकिन लैंडर को एनीमेट करके ही टीवी चैनलों पर दिखाया गया था.

अब सवाल ये उठता है कि अगर चंद्रयान के थ्रस्टर्स नीचे उतरते समय आग और धुआं नहीं निकाल रहे थे तो क्या हो रहा था. दरअसल चांद पर ऑक्सीजन और हाइड्रोजन है ही नहीं लिहाजा वहां आग जल ही नहीं सकती. इसलिए आप समझ गए होंगे कि क्यों चंद्रयान का लैंडर बगैर फायर किए उतरा होगा. लिहाजा जब वो उतरा होगा तो कौन सी चीज उसके लिए मददगार बनी होगी. (nasa pic)
इसका जवाब ये है कि जब चंद्रयान-3 नीचे उतर रहा था तो उसके थ्रस्टर्स बहुत तेजी से हवा छोड़कर उसके लिए नीचे की जगह को साफ कर रहे थे. शायद फिर ये सवाल उठे कि जब चांद पर हवा है ही नहीं तो विक्रम लैंडर्स के थ्रस्टर्स ने कैसे हवा निकालकर उसके नीचे आने में मदद की होगी. ये भी हम आपको आगे बताएंगे.(nasa pic)
जब चंद्रयान नीचे उतर रहा था तो उसके थ्रस्टर हवा को ब्लो करके उसकी स्पीड को कम करने में भी मदद कर रहे थे. ये हवा निकालते हुए चंद्रयान को ना केवल आराम से नीचे उतार रहे थे और नीचे की सतह भी साफ कर रहे थे. (nasa pics)
आइए अब हम आपको बताते हैं कि चंद्रयान का विक्रम लैंडर जो हवा निकाल रहा था वो चांद पर उसको कहां से मिली. .दरअसल इसरो ने लैंडर के अंदर ऑक्सीजन के सिलेंडर फिक्स किए थे, इसी के चंद्रयान नीचे उतरते हुए हवा ब्लो करते हुए ना केवल स्पीड कम कर पा रहा था बल्कि उतरना भी आसान कर रहा था. हम सभी ने पिक्चर्स में लैंडर्स के नीचे से पीले और लाल रंग की आग की जो लपटें देखीं, वो वास्तव एनीमेशन का ही कमाल था.(एएनआई)

