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गीता और चाणक्य नीति पढ़कर मैनेजमेंट के गुर सीखेंगे इस यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट, पढ़ेंगे अष्टांग योग

NEWSDESK
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Allahabad University : इलाहाबाद यूनिवर्सिटी के इंटीग्रेटेड बीबीए-एमबीए स्टूडेंट्स गीता, उपनिषद और चाणक्य नीति से मैनेजमेंट सीखेंगे. यूनिवर्सिटी ने इन्हें बीबीए-एमबीए के कोर्स में शामिल किया है. यह कोर्स इसी साल शुरू हुआ है.

Allahabad University : इलाहाबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय के स्टूडेंट अब गीता और चाणक्य नीति पढ़कर मैनेजमेंट के गुर सीखेंगे. गीता, चाणक्य, उपनिषद और चाणक्य नीति इलाहबाद विवि में इसी सत्र से शुरू हुए पांच साल के बीबीए-एमबीए कोर्स के स्टूडेंट पढ़ेंगे. इलाहाबाद यूनिवर्सिटी के कॉमर्स डिपार्टमेंट में नए इंटीग्रेटेड कोर्स की शुरुआत 26 स्टूडेंट से हुई है. गीता, उपनिषद, रामायण और चाणक्य नीति को बीबीए-एमबीए कोर्स के इंडियन थॉट एंउ प्रैक्टिसेज सब्जेक्ट में शामिल किया गया है. इसका मकसद मैनेजमेंट स्टूडेंट प्राचीन भारत के मैनेजमेंट स्किल को भी जान सकें. कॉमर्स विभाग के एचओडी प्रोफेसर आरएस सिंह के मुताबिक भगवद गीता सबसे प्राचीन मैनेजमेंट शास्त्र है.

पढ़ाए जाएंगे उद्योगपतियों के स्मार्ट फैसले

इलाहाबाद यूनिवर्सिटी के बीबीए-एबीए स्टूडेंट्स बड़े उद्योगपतियों के स्मार्ट मैनेजेरियल डिसीजन और स्किल के बारे में पढ़ेंगे. ऐसा पहली बार हो रहा है. इसमें उद्योगपति जेआरडी टाटा, अजीम प्रेमजी, धीरूभाई अंबानी, एनआर नारायण मूर्ति, सुनील मित्तल और बिरला जैसे औद्योगिक घरानों के बारे में पढ़ाया जाएगा.

दी जाएगी अष्टांग योग की शिक्षा

इलाहाबाद यूनिवर्सिटी के बीबीए-एमबीए कोर्स के स्टूडेंट्स को अष्टांग योग की भी शिक्षा दी जाएगी. ताकि कठिन परिस्थितियों में वह मन शांत रखकर कड़े और सही फैसले ले सकें. नए बीबीए-एमबीए कोर्स में मल्टिपल एग्जिट और एंट्री प्वाइंट रखे गए हैं. कोर्स कोऑर्डिनेटर शेफाली नंदन के मुताबिक फर्स्ट ईयर के बाद पढ़ाई छोड़ने वाले को सर्टिफिकेट, दो साल वालों को डिप्लोमा और तीन साल के बाद डिग्री व पांच साल पूरा करने वालों को एमबीए की डिग्री मिलेगी.

 

 

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