नरेंद्र मोदी देश के विकास को लेकर लगातार प्रयासरत हैं. वह जानते हैं कि किसानों के विकास के बिना यह विकास बेमानी होगा. इसलिए पीएम मोदी किसानों की आय बढ़ाने को लेकर अपनी प्रतिबद्धता लगातार जताते रहते हैं. वह इसको लेकर लगातार काम भी कर रहे हैं. किसानों की आय में बढ़ोतरी और देश में अनाज के उत्पादन को लेकर पीएम मोदी की प्रतिबद्धता दिख भी रही है. पिछले आठ साल में अनाज की पैदावार में 31 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है. 2014 से अनाज की पैदावार 251.54 मिलियन टन से बढ़कर 330.54 मिलियन टन पहुंच गई है. इसके साथ साथ दलहन की पैदावार 27.5 मिलियन टन, और तिलहन की 41 मिलियन टन पहुंच गई है. अनाज को लेकर भारत की विदेशों से आयात पर निर्भरता घटी है और इसको लेकर लगातार प्रयास भी किया जा रहा है.
किसानों को मिल रहा है उनके उत्पाद का सही दाम
पीएम मोदी ने किसानों की आय में बढ़ोतरी और किसानों के उनके उत्पाद का न्यूनतम समर्थन मूल्य मिले इसके लिए कैबिनेट की बैठक में रबी की 6 फसलों की एमएसपी बढ़ाने का फैसला लिया. इसके तहत तिलहन और सरसों में 200 रुपये, मसूर के लिए 425 रुपये, गेहूं के लिए 150 रुपये, जौ के लिए 115 रुपये, चने के लिए 105 रुपये और सनफ्लावर के लिए भी 150 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की गई है. इसके साथ ही गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2014 में जो कि 1400 रुपया प्रति क्विंटल था वह बढ़ कर 2275 रुपये प्रति क्विंटल हो गया. इसके साथ ही साथ जौ का न्यूनतम समर्थन मूल्य इसी दौरान 1100 रुपये से 1850 रुपये हो गया. वहीं, चने का एमएसपी 3100 रुपये से 5440 रुपये हो गया. मसूर दाल 2950 रुपये से 6425 रुपये, सूरजमुखी 3000 रुपये से 5800 रुपये जबकि तिलहन और सरसों की कीमत 3060 रुपये से 5650 रुपये प्रति क्विंटल हो गई.

